तुष्टिकरण का खेल खत्म, मोदीजी ने दिलाया वन्देमातरम को न्याय - अरविन्द सिसोदिया
कांग्रेस ने तुष्टिकरण की राजनीती में हमेशा वन्देमातरम से अन्याय किया - अरविन्द सिसोदिया तुष्टिकरण का खेल खत्म, मोदीजी ने दिलाया वन्देमातरम को न्याय - अरविन्द सिसोदिया तुष्टिकरण से आजाद हुआ वन्देमातरम 'वंदे मातरम्' केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की चेतना, स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा और देश की अखंडता का सबसे बड़ा उद्घोष है। भारत के नौजवानों की ऊर्जा रहा है। यह वह मंत्र था जिसे गाते हुए हंसते-हंसते हजारों क्रांतिकारियों ने फांसी के फंदे को चूम लिया। करोड़ों स्वतंत्रता सेनानियों के कृतित्व और व्यक्तित्व को राष्ट्रवाद से सिंचित किया।लेकिन दुर्भाग्यवश, जिस गीत ने पूरे देश को बिना किसी भेदभाव के एकता के सूत्र में पिरोया, उसे आजादी के बाद की राजनीति में कांग्रेस पार्टी और उसके सर्वेसर्वा जवाहरलाल नेहरू जी नें तुष्टिकरण की बलि चढ़ा दिया गया। वह तो संविधान सभा के अध्यक्ष ड़ा राजेंद्र प्रसाद जी का साहस था जो उन्होंने वन्देमातरम को राष्ट्रगान के बराबर कर दर्जा देकर राष्ट्रगीत बनवा दिया। कांग्रेस ने सत्ता और वोटबैंक के लालच में इस गौरवमयी गीत के साथ जो समझौता किया, उस...