झूठे नैरेटिवों पर मोदीजी की विजयगाथा
झूठे नैरेटिवों पर मोदीजी की विजयगाथा झूठी नौटंकियाँ होती रहीं, देश को रोकने के लिए, काँटे बिछाए जाते रहे, हर कदम को रोकने के लिए। न कदम कभी डगमगाए, न दृढ़ विश्वास कम हुआ, मोदीजी बढ़ते रहे, हर चुनौती का सामना करने के लिए। ====1==== कभी उन्हें तानाशाह कहा, कभी न जाने क्या-क्या बोला, झूठ के बाज़ारों में हर दिन, नया-नया आरोप ही खोला। लेकिन समय ने हर अफ़वाह का सच दुनिया को दिखला दिया, सेवा, साहस और संकल्प ने हर भ्रम को मिटा दिया। ====2==== मोदीजी ने उत्तर भाषणों से कम, कर्मों से अधिक दिया, हर चुनौती को अवसर मान, भारत का मस्तक ऊँचा किया। जिन्होंने हर मोड़ पर रोड़े अटकाने का प्रयास किया, उन्होंने ही अनजाने में उनके संकल्प को और प्रखर किया। ====3==== सदियों की इस यात्रा में, ऐसा नेतृत्व कम ही आया, जिसने स्वयं से पहले भारत माँ का सम्मान बढ़ाया। हर संकट में अटल खड़े रहे, हर विपदा से लोहा लिया, विश्व पटल पर भारत का गौरव नई ऊँचाइयों तक पहुँचा दिया। ====4==== झूठे नैरेटिव थक जाएँगे, सत्य कभी न हार सकेगा, सेवा का पथ अपनाने वाला इतिहास में अमर रहेगा। जब-जब भारत की गाथा का स्वर्णिम अध्याय लिखा जाएगा, ...