डिजिटल आत्मरक्षा Digital Self-Defense

स्थान - कोटा राजस्थान 
दिनांक - 27/07/2026

सेवा में,
माननीय प्रधानमंत्री जी,
भारत सरकार,
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO),
साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली - 110011

विषय: 'डिजिटल इंडिया' की सुरक्षा हेतु कक्षा 6 से 12 तक के पाठ्यक्रम में 'साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल आत्मरक्षा' Cybersecurity and Digital Self-Defense  को अनिवार्य पाठ्यपुस्तक के रूप में सिलेबस में सम्मिलित करने के संबंध में।

आदरणीय प्रधानमंत्री जी,
सादर प्रणाम।

हालही में जो एक सोसल मीडिया पार्टी का जन्म, पेपर लीक होना और फिर छात्र आंदोलन होना... यह कोई सामन्य घटनाक्रम नहीं है। बल्कि कुछ नजर नहीं आने वाले कई एप्स के जरिये खड़ा किया गया पूरा मूमेंट था और इसमें विदेशी धन व ज्ञान सहित विदेशी षड्यंत्र तक रहा है। विदेश में बैठे व्यक्ती विदेश में पेमेंट कर, भारत में आंदोलन रत लोगों को भोजन नास्ता करवा रहे थे ।  भारत में फेसबुक, एक्स, इस्ट्राग्राम और वाट्सअप इस तरह से काम कर रहे हैं जैसे उनका सम्राज्य हो, फेक न्यूजों की सुनामी आगई। इस डिजिटल विदेशी आक्रमण के सामने पूरा देश, समाज असहाय क्यों? यह आने वाले कल के युद्ध की नई तकनीकी का भी इशारा है। इसलिए अब न केवल संभलने बल्कि इसी स्तर की तेज तर्रार पुलिस व जनमत दोनों ही चाहिए ताकी वे वास्तविकता को सही से समझ सकें व बहकावे में न आएं। इसलिए अब हमारी किशोरवय की शिक्षा पूरी तरह सतर्क व समर्थ होनी चाहिए। इसी हेतु यह निवेदन है :-

आपके यशस्वी और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने 'डिजिटल इंडिया' अभियान के माध्यम से विश्व की सबसे बड़ी डिजिटल क्रांति का सूत्रपात किया है। यूपीआई (UPI), 5 जी (5G) नेटवर्क का विस्तार और सुदूर गांवों तक इंटरनेट की पहुंच ने देश का कायाकल्प कर दिया है। आज हमारा देश एक सशक्त डिजिटल अर्थव्यवस्था बन चुका है।

किंतु, इस तीव्र तकनीकी प्रगति के समानांतर भारत के सामने एक नया, अदृश्य और अत्यंत संवेदनशील खतरा भी खड़ा हो गया है। हमारी इस अभूतपूर्व प्रगति को बाधित करने के लिए विदेशी शक्तियों और वैश्विक साइबर अपराधियों द्वारा भारतीय समाज पर 'कॉग्निटिव वॉरफेयर' (Cognitive Warfare) यानी मानसिक व डिजिटल आक्रमण किया जा रहा है। इस युद्ध का सबसे आसान और पहला शिकार देश की तरुण और युवा पीढ़ी (कक्षा 6 से 12 तक के छात्र) बन रही है, जो अपना अधिकांश समय स्मार्टफोन और सोशल मीडिया पर बिताती है।

आज देश के युवा अनजाने में जिन गंभीर विदेशी षड्यंत्रों, तकनीकी अपराधों और मनोवैज्ञानिक खतरों का सामना कर रहे हैं, वे निम्नलिखित हैं:-

   1. विदेशी टूलकिट और नैरेटिव हेरफेर (Narrative Manipulation): भारत विरोधी विदेशी ताकतें सोशल मीडिया और एल्गोरिदम के माध्यम से देश में आंतरिक असंतोष, जातिगत-धार्मिक विद्वेष फैलाने के लिए 'फर्जी नैरेटिव' और टूलकिट का उपयोग कर रही हैं। अपरिपक्व छात्र इनके बहकावे में आकर देशविरोधी दुष्प्रचार का हिस्सा बन जाते हैं।

   2. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक (Deepfake) का खतरा: वर्तमान समय में एआई तकनीकों के दुरुपयोग से किसी की भी छवि को खराब करने वाले डीपफेक वीडियो/ऑडियो बनाना बेहद आसान हो गया है। इसके कारण स्कूली छात्रों में साइबर बुलिंग, मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग के मामले तेजी से बढ़े हैं।

   3. साइबर हनीट्रैप और राष्ट्रविरोधी जासूसी: विदेशी खुफिया एजेंसियां फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल्स के माध्यम से देश के युवाओं और संवेदनशील परिवारों के बच्चों को जाल में फंसाकर देश की सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारियां निकालने का प्रयास कर रही हैं।

   4. डेटा माइनिंग और साइकोलॉजिकल प्रोफाइलिंग: विदेशी ऐप्स और गेमिंग प्लेटफॉर्म्स हमारे बच्चों के व्यक्तिगत डेटा की चोरी कर रहे हैं। इस डेटा का उपयोग करके उनकी मानसिक पसंद-नापसंद की प्रोफाइलिंग की जा रही है, ताकि भविष्य में उनकी विचारधारा को देश के खिलाफ मोड़ा जा सके।

   5. वित्तीय धोखाधड़ी और अवैध लोन/सट्टा ऐप्स: चीनी और अन्य विदेशी सट्टेबाजी तथा त्वरित लोन ऐप्स के जाल में फंसकर हर साल हजारों युवा कर्ज और ब्लैकमेलिंग के दलदल में फंस रहे हैं, जिससे कई बार वे आत्मघाती कदम तक उठा लेते हैं।

महोदय, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) में शिक्षा को भविष्य के अनुकूल और कौशल-आधारित बनाने पर विशेष बल दिया गया है। इस विज़न को धरातल पर उतारने का अब सही समय आ गया है। जिस प्रकार भौतिक दुनिया में सुरक्षा के लिए यातायात के नियम या आत्मरक्षा सिखाई जाती है, उसी प्रकार आज डिजिटल दुनिया में 'डिजिटल आत्मरक्षा' (Digital Self-Defense) सिखाना राष्ट्र निर्माण की पहली आवश्यकता बन चुका है।

अतः आपसे विनम्र और सादर प्रार्थना है कि शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) और एनसीईआरटी (NCERT) को निर्देशित कर कक्षा 6 से कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों के लिए 'साइबर सुरक्षा और डिजिटल नागरिकता' (Cyber Security & Digital Citizenship) नामक एक अतिरिक्त और अनिवार्य पाठ्यपुस्तक को मूल पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए।
इस पाठ्यक्रम के माध्यम से बच्चों को:

* फैक्ट-चेकिंग (सत्यता जांचने) की कला,
* टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) जैसे सुरक्षित डिजिटल अभ्यास,
* 'राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल' (cybercrime.gov.in) का उपयोग,
* और एआई (AI) के नैतिक उपयोग के बारे में प्राथमिक स्तर से ही प्रशिक्षित किया जा सकेगा।

यह कदम न केवल हमारी आने वाली पीढ़ी के मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य की रक्षा करेगा, बल्कि देश के खिलाफ चलाए जा रहे हर डिजिटल आक्रमण को विफल करने के लिए करोड़ों 'साइबर वॉरियर्स' की एक फौज भी तैयार कर देगा।

मुझे पूर्ण विश्वास है कि देश की आंतरिक सुरक्षा और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य से जुड़े इस अत्यंत महत्वपूर्ण विषय को आपका सर्वोच्च प्राथमिकता वाला संरक्षण प्राप्त होगा।

राष्ट्र सेवा में सदैव समर्पित। सादर।


भवदीय,
[अरविन्द सिंह सिसोदिया ]
राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल,
( शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी ) जयपुर
- कोटा संभाग मीडिया संयोजक भाजपा

पता - बेकरी के सामने, राधाकृष्ण मंदिर रोड़,
ड़डवाड़ा, कोटा जंक्शन, कोटा, राजस्थान।
पिनकोड - 324002
मोबाईल - 9414180151 

प्रतिलिपि - 
आवश्यक कार्यवाही हेतु :- 

1- माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री महोदय 
    भारत सरकार, नई दिल्ली।
कमरा नंबर 21107, कर्तव्य भवन 2, केंद्रीय सचिवालय, नई दिल्ली - 110001

2-  माननीय निदेशक महोदय 
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT)
श्री अरबिंदो मार्ग, नई दिल्ली - 110016
ईमेल आईडी: director.ncert@nic.in

3- माननीय अध्यक्ष महोदय 
 केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE)
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, 'शिक्षा केंद्र', 2, कम्युनिटी सेंटर, प्रीत विहार, दिल्ली - 110092
ईमेल आईडी: info.cbse@gov.in

4- माननीय अध्यक्ष महोदय 
राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS)
एनआईओएस मुख्यालय
ए-24/25, इंस्टीट्यूशनल एरिया, सेक्टर - 62, नोएडा, उत्तर प्रदेश - 201309
* ईमेल आईडी: cp@nios.ac.in 

5- माननीय शिक्षा मंत्री महोदय 
शासन सचिवालय,
राजस्थान सरकार, जयपुर।
ईमेल आईडी: madandilawar@gmail.com

6- माननीय अध्यक्ष महोदय 
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान 
सिविल लाइंस, अजमेर, राजस्थान - 305001
ईमेल आईडी: bserajmer@gmail.com, secy-boser-rj@nic.in

7- माननीय निदेशक महोदय 
 (अकादमिक और प्रशासनिक संचालन प्रमुख)
राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (RSCERT)
पता: 111, सहेली मार्ग, सहेलियों की बारी के पास, न्यू फतेहपुरा, पंचवटी, उदयपुर, राजस्थान - 313004
ईमेल: director.rscert@rajasthan.gov.in

8- माननीय सचिव महोदय 
राजस्थान स्टेट टेक्स्टबुक बोर्ड (RSTB)
पता: 2-2A, झालाना डूंगरी, जयपुर, राजस्थान - 302004
ईमेल: secretary.rstb@rajasthan.gov.in (वैकल्पिक: rstbsecy22@gmail.com)



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