25 वर्षों में जनसेवा से वैश्विक नेतृत्व तक, मोदीजी की स्वाभिमानी राष्ट्र निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा — अरविन्द सिसोदिया

प्रेस विज्ञप्ति

25 वर्षों में जनसेवा से वैश्विक नेतृत्व तक, मोदीजी की स्वाभिमानी राष्ट्र निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा — अरविन्द सिसोदिया

कोटा, 17 सितंबर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन के अवसर पर राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी अरविन्द सिसोदिया ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदीजी की 25 वर्षों की जनसेवा की यात्रा केवल सत्ता संचालन की यात्रा नहीं, बल्कि स्वाभिमानी, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण के संकल्प की ऐतिहासिक यात्रा है। वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई शासन-नेतृत्व की यह यात्रा आज देश के प्रधानमंत्री के रूप में तीसरे कार्यकाल तक पहुंच चुकी है। इन 25 वर्षों में विकास, सुशासन, जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में किए गए कार्यों ने देश की विकास यात्रा को नई दिशा और गति प्रदान की है।

सिसोदिया ने कहा कि गुजरात से लेकर भारत और भारत से वैश्विक मंच तक मोदीजी की यात्रा ने शासन की प्राथमिकताओं को जनभागीदारी, परिणामोन्मुखी प्रशासन और अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के संकल्प से जोड़ा है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ गरीब कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को शासन के केंद्र में रखा गया। प्रधानमंत्री जन-धन योजना, आयुष्मान भारत, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान जैसी पहलों के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच व्यापक बनाने का प्रयास हुआ है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल भारत की शक्ति ने शासन और नागरिक सेवाओं के बीच की दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डिजिटल भुगतान, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी व्यवस्थाओं ने सेवाओं की पहुंच और पारदर्शिता को बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त किया है। तकनीक के माध्यम से बिचौलियों की भूमिका कम करने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। यह परिवर्तन उस भारत की तस्वीर प्रस्तुत करता है जो आधुनिक तकनीक को जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण का प्रभावी माध्यम बना रहा है।

सिसोदिया ने कहा कि 25 वर्षों की इस यात्रा में भारत के बुनियादी ढांचे और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के निर्माण को भी विशेष प्राथमिकता मिली है। सड़क, रेल, ऊर्जा, विनिर्माण और औद्योगिक विकास के साथ ‘मेक इन इंडिया’ तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों ने देश की उत्पादन क्षमता, स्वदेशी सामर्थ्य और आर्थिक आत्मविश्वास को मजबूत करने का लक्ष्य सामने रखा। प्रगति जैसे प्रौद्योगिकी-आधारित शासन तंत्र के माध्यम से महत्वपूर्ण परियोजनाओं की निगरानी और उनके समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। विकास के साथ आत्मनिर्भरता और आत्मनिर्भरता के साथ राष्ट्रीय स्वाभिमान—यह मोदीजी की शासन-दृष्टि की प्रमुख विशेषताओं में दिखाई देता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदीजी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक भूमिका भी नई ऊंचाइयों और नई प्राथमिकताओं के साथ विस्तृत हुई है। जी 20 की अध्यक्षता, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, मिशन लाइफ और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जैसी पहलों के माध्यम से भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी विकास-दृष्टि, पर्यावरणीय प्रतिबद्धता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। भारत की बढ़ती वैश्विक सक्रियता ने दुनिया के समक्ष एक ऐसे भारत की तस्वीर रखी है जो अपने राष्ट्रीय हितों और स्वाभिमान के साथ वैश्विक सहयोग और मानव कल्याण में सक्रिय भागीदारी का पक्षधर है।

सिसोदिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदीजी के जन्मदिन पर उनकी 25 वर्षों की अनवरत जनसेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण की यात्रा को नमन करते हुए उन्हें उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर राष्ट्रसेवा की ऊर्जा की हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित की जाती हैं। विकसित, आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में देश निरंतर आगे बढ़े और राष्ट्र की सामूहिक शक्ति एवं सामर्थ्य नई ऊंचाइयों को प्राप्त करे, यही उनके जन्मदिन पर मंगलकामना है।

भवदीय
अरविन्द सिसोदिया
राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल
शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी
मो. 9414180151

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