High-Level Committee on Demographic Change
'जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर उच्च स्तरीय समिति' (High-Level Committee on Demographic Change) गृह मंत्रालय द्वारा अवैध आप्रवासन और अन्य असामान्य कारणों से देश में हो रहे जनसंख्या बदलावों का अध्ययन करने के लिए मई 2026 में गठित एक पैनल है। इस विषय पर विस्तृत जानकारी के लिए आप [Drishti IAS](https://www.drishtiias.com/hindi/daily-updates/daily-news-analysis/high-level-committee-on-demographic-change) देख सकते हैं। [1, 2, 3]
## मुख्य बिंदु
* घटन: 26 मई 2026 को गृह मंत्रालय द्वारा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस 2025 पर इसकी घोषणा की थी। [3, 4, 5]
* अध्यक्ष: सेवानिवृत्त जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर। [5, 6, 7]
* अन्य सदस्य: जनगणना आयुक्त, दुर्गा शंकर मिश्रा (सेवानिवृत्त आईएएस), बालाजी श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त आईपीएस) और डॉ. शमिका रवि (प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य)। [5, 7]
## उद्देश्य
* अवैध प्रवास की जांच: अवैध आप्रवासन और घुसपैठ के कारणों व प्रभावों का वैज्ञानिक अध्ययन करना। [3, 5, 8]
* सुरक्षा और नीति: राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और सामाजिक संरचना पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन कर नीतिगत उपाय सुझाना। [1, 2, 9]
* विस्तृत परीक्षा संबंधी जानकारी [Testbook](https://testbook.com/question-answer/hn/with-reference-to-the-high-level-committee-on-demo--6a27c12fd3717845289518ba) पर उपलब्ध है। [10]
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जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर उच्च स्तरीय समिति (High-Level Committee on Demographic Change) के विस्तृत कार्यों, कार्यक्षेत्र (Terms of Reference) और इसके राष्ट्रीय सुरक्षा व समाज पर होने वाले विशिष्ट प्रभावों की पूरी रूपरेखा निम्नलिखित है: [1]
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## 📋 समिति के मुख्य कार्य (Functions)
इस समिति को मुख्य रूप से एक तथ्य-खोज (Fact-finding) निकाय और नीति सलाहकार समूह (Policy Advisory Group) के रूप में दोहरा कार्य सौंपा गया है: [2]
1. असामान्य जनसांख्यिकीय बदलावों का वैज्ञानिक अध्ययन: जनसंख्या में होने वाले ऐसे बदलावों का डेटा-आधारित (Scientific Database) आकलन करना जो प्राकृतिक नहीं हैं। [3, 4]
2. स्थायी तंत्र (Permanent Mechanism) की सिफारिश: अवैध प्रवासियों (Illegal Immigrants) की सटीक पहचान करने, उन्हें हिरासत में लेने (Detention) और वापस भेजने (Deportation) के लिए एक पारदर्शी, कानूनी और समयबद्ध स्थायी प्रणाली का सुझाव देना। [2, 5]
3. डेटा विचलन का विश्लेषण: देश के जिन हिस्सों में जनसंख्या का रुझान राष्ट्रीय औसत से काफी अलग है, वहां सामाजिक और धार्मिक समुदायों के स्तर पर संरचनात्मक उतार-चढ़ाव की जांच करना। [1, 2]
4. सीमा प्रबंधन को मजबूत करना: सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी प्रणाली, दस्तावेज़ीकरण नेटवर्क और घुसपैठ विरोधी ग्रिड को अपग्रेड करने के उपाय सुझाना। [2, 6]
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## 🌐 समिति का कार्यक्षेत्र (Terms of Reference - ToR)
गृह मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार समिति का कार्यक्षेत्र बहुत व्यापक है और यह पूरे देश में फैला हुआ है: [6, 7]
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* सीमावर्ती क्षेत्र (Border Areas): भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे राज्यों और संवेदनशील सीमावर्ती जिलों में प्रवासन के पैटर्न का अध्ययन करना। [6]
* महानगर और औद्योगिक शहर (Metropolitan & Industrial Towns): प्रवासियों के कारण प्रमुख बड़े शहरों और औद्योगिक केंद्रों में पैदा होने वाले असामान्य रिहाइशी पैटर्न (Unusual Settlement Patterns) की जांच करना। [6]
* सामाजिक-आर्थिक कारकों का विश्लेषण: जन्म दर में अंतर, सीमा पार से होने वाली अवैध घुसपैठ, आर्थिक अवसरों की तलाश और पर्यावरणीय कारकों (जैसे जलवायु विस्थापन) के प्रभाव का आकलन करना। [5, 7]
* केंद्र-राज्य समन्वय: जनसांख्यिकीय असंतुलन से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच परिचालन समन्वय (Operational Coordination) में सुधार के लिए एक नीतिगत ढांचा तैयार करना। [1, 6]
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## 🛡️ विशिष्ट प्रभाव और राष्ट्रीय महत्व (Implications)
इस समिति के निष्कर्षों और सिफारिशों का भारत की आंतरिक सुरक्षा और भविष्य की नीतियों पर गहरा और दूरगामी प्रभाव पड़ेगा: [6]
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* राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता (National Security): केंद्रीय गृह मंत्री के अनुसार, अवैध घुसपैठ और असामान्य जनसांख्यिकीय बदलाव देश की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा हैं। यह समिति इन सुरक्षा खतरों को कम करने के लिए प्रशासनिक और कानूनी सुधारों का मार्ग प्रशस्त करेगी।
* सामाजिक और जनजातीय संस्कृति का संरक्षण: असम, पश्चिम बंगाल और अन्य सीमावर्ती या आदिवासी क्षेत्रों में मूल निवासियों और जनजातीय समाजों (Tribal Societies) की जनसांख्यिकी को सुरक्षित रखने पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा।
* भविष्य की नीतियां और नागरिकता कानून: इस समिति की रिपोर्ट (जो मई 2027 तक अपेक्षित है) भविष्य की आव्रजन नीतियों (Immigration Policies), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) जैसे नागरिकता से जुड़े डेटाबेस के प्रबंधन और सीमा सुरक्षा रणनीतियों को नए सिरे से परिभाषित कर सकती है।
* कानून व्यवस्था: बड़े शहरों और संवेदनशील इलाकों में अवैध बस्तियों के कारण उत्पन्न होने वाली कानून-व्यवस्था की चुनौतियों से निपटने के लिए राज्यों को एक नया कानूनी ढांचा मिल सकेगा। [1, 2, 6, 8]
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आप इस विषय पर आधिकारिक सरकारी प्रेस विज्ञप्ति [PIB India](https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2265467®=3&lang=2) पर पढ़ सकते हैं। क्या आप समिति के किसी विशिष्ट सदस्य या किसी विशेष राज्य (जैसे असम या सीमावर्ती क्षेत्रों) पर इसके प्रभाव के बारे में जानना चाहते हैं? [7]
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जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर उच्च स्तरीय समिति (High-Level Committee on Demographic Change) एक नवनिर्मित (मई 2026 में गठित) केंद्रीय समिति है, जो वर्तमान में गृह मंत्रालय (MHA) के तत्वावधान में कार्य कर रही है। आम नागरिकों के लिए इस समिति तक अपनी बात, सुझाव या इनपुट पहुंचाने के आधिकारिक माध्यम निम्नलिखित हैं: [1, 2]
## 1. मंत्रालय के माध्यम से संपर्क (ईमेल व पता)
चूंकि यह समिति केंद्रीय गृह मंत्रालय (Foreigners Division) के अंतर्गत काम करती है और इसके सदस्य सचिव (Member Secretary) गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (Foreigners-I) हैं, इसलिए नागरिक अपने विस्तृत सुझाव सीधे मंत्रालय के इन आधिकारिक पतों पर भेज सकते हैं: [3]
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* ईमेल संपर्क: आप अपने सुझाव गृह मंत्रालय के विदेशी प्रभाग (Foreigners Division) के संबंधित अधिकारियों या सामान्य शिकायत ईमेल jsf-mha@nic.in (या गृह मंत्रालय के आधिकारिक ई-मेल) पर भेज सकते हैं।
* लिखित पत्राचार (डाक द्वारा): आप अपनी रिपोर्ट, क्षेत्रीय डेटा या सुझाव पत्र के माध्यम से निम्नलिखित पते पर भेज सकते हैं:
सेवा में,
सदस्य सचिव (जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर उच्च स्तरीय समिति),
संयुक्त सचिव (Foreigners-I), गृह मंत्रालय,
भारत सरकार, नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली - 110001
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## 2. प्रत्यक्ष परामर्श और क्षेत्रीय दौरे (Public Consultations)
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* समिति के अध्यक्ष जस्टिस पी. पी. नावलेकर और उनकी टीम वर्तमान में देश के विभिन्न संवेदनशील राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों (जैसे जम्मू-कश्मीर, असम और सीमावर्ती क्षेत्रों) का व्यक्तिगत दौरा कर रही है। [4, 5]
* इन दौरों के दौरान स्थानीय नागरिक संगठनों, स्थानीय प्रशासनों और सीमावर्ती क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से सीधे फीडबैक और संवाद (Consultations) आयोजित किए जा रहे हैं। आपके क्षेत्र में समिति के आगमन पर आप स्थानीय जिला प्रशासन के माध्यम से उनसे मिलकर अपनी बात रख सकते हैं। [4]
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## 3. केंद्रीय लोक शिकायत पोर्टल (CPGRAMS)
यदि आपके पास किसी क्षेत्र में अवैध आव्रजन, जनसांख्यिकी असंतुलन या प्रशासनिक ढिलाई से जुड़ी कोई शिकायत या इनपुट है, तो आप भारत सरकार के आधिकारिक लोक शिकायत पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं:
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* वेबसाइट लिंक: [CPGRAMS Portal](https://pgportal.gov.in/) पर जाकर 'Ministry of Home Affairs' (गृह मंत्रालय) का चयन करें और विषय में 'High-Level Committee on Demographic Change' लिखकर अपना सुझाव ऑनलाइन दर्ज कराएं। यह सीधे संबंधित प्रभाग तक पहुंच जाएगा।
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