भारत की युवा शक्ति राष्ट्रवाद के साथ दृढ़ता से खड़ी है - अरविन्द सिसोदिया

भारतीय युवाओं ने अराजकता और गालीबाज़ राजनीति को सिरे से नकारा — अरविन्द सिसोदिया

भारत की युवा शक्ति राष्ट्रवाद के साथ दृढ़ता से खड़ी है - अरविन्द सिसोदिया 
कोटा, 20 सितंबर। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया ने पंजाब और दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ तथा कोटा नगर निगम चुनाव में राष्ट्रवादी विचारधारा की प्रचण्ड विजय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि, “भारत की युवा शक्ति राष्ट्रवाद के साथ दृढ़ता से खड़ी है। युवाओं और जागरूक मतदाताओं ने अराजकता, गंदी गाली-गलौज, हास्यास्पद और जोकरटाइप हरकतों की नकारात्मक राजनीति को सिरे से नकारते हुए भारतीय संस्कृति के जीवनमूल्यों पर आधारित राष्ट्रहित, विकास और सकारात्मक राजनीति को सर्वोच्चता प्रदान की है।”

सिसोदिया ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसरों से लेकर स्थानीय निकाय चुनाव तक सामने आए परिणामों को युवाओं की राजनीतिक सोच के राष्ट्रहित के साथ मजबूती से खड़े होने के साक्ष्य के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि, “नई पीढ़ी के राजनीतिक विमर्श में सद्गुण, आदरभाव, अनुशासन सहित राष्ट्र का विकास, राष्ट्रहित और सकारात्मकता का मुख्य महत्व है।”

छात्रों की गूंज कोटा में बेअसर

उन्होंने कहा कि, “कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोटा में भी ‘छात्रों की गूंज’ का कार्यक्रम किया था। इसके बाद हुए कोटा नगर निगम चुनाव में कांग्रेस बुरी तरह हार गई है। वहीं राष्ट्रवादी भाजपा ने 100 में से 57 वार्डों में जीत दर्ज कर बोर्ड बनाया है। अर्थात यह छात्रों की गूंज के नाम से आयोजित हो रहे कार्यक्रम जनता पर असर डालने में पूरी तरह फेल हो चुके हैँ। ”

सिसोदिया ने कहा कि, “कांग्रेस को भारत की जनता अब गंभीरता से नहीं लेती। उनकी गाली-गलौज, अभद्रता, फूहड़ता,अराजकता और हास्यास्पद क्रियाकलापों ने उसे हाशिये पर डाल दिया है।”

छात्रसंघ चुनावों में राष्ट्रवाद ही सर्वोपरि

सिसोदिया ने पंजाब यूनिवर्सिटी और दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि, “पंजाब यूनिवर्सिटी और दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनावों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की शानदार जीत और कांग्रेस के छात्र संगठन के सफाये के परिणाम युवाओं के बीच राष्ट्रवाद और सकारात्मक राजनीतिक विचारों की स्वीकार्यता को दर्शाते हैं।” उन्होंने कहा कि "विश्वविद्यालय परिसरों के चुनाव युवाओं की राजनीतिक सोच और प्राथमिकताओं की महत्वपूर्ण और स्पष्ट झलक देते हैं। जिसमें विपक्ष पूरी तरह अस्वीकार्य स्थिति में है।"

विपक्ष ध्यान रखे,भारतीय संस्कृति की रक्षक समाज स्वयं है 

सिसोदिया ने विपक्षी दलों से राजनीतिक संवाद में मर्यादा और सकारात्मकता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि, “भारतीय संस्कृति, सभ्यता और समाज को लाखों पीढ़ियों ने संस्कारों और नैतिकता से समृद्ध किया है। इसे क्षति पहुंचाने वाली अनुशासनहीनता का भारतीय लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है।”

उन्होंने कहा कि, “लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन राजनीतिक बहस जनहित के मुद्दों और नीतिगत विकल्पों पर केंद्रित होनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि " युवा मतदाता लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और राजनीतिक दलों को उसकी आकांक्षाओं तथा प्राथमिकताओं को समझना होगा। उनके अनुसार, हालिया चुनाव परिणाम राजनीतिक दलों के लिए जनता की  अपेक्षाओं को समझने का अवसर हैं।"

भवदीय
अरविन्द सिसोदिया
9414180151



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