बाबर की मजार पर भारत के तीन प्रधानमंत्री

अफगानिस्तान के काबुल में स्थित मुगल सम्राट बाबर की मजार पर भारत के तीन प्रधानमंत्री जा चुके हैं। इनमें जवाहरलाल नेहरू (19 सितंबर 1959), इंदिरा गांधी (1968) और मनमोहन सिंह (अगस्त 2005) शामिल हैं। 

ऐतिहासिक और राजनीतिक संदर्भों के अनुसार इन दौरों का विवरण इस प्रकार है:

* जवाहरलाल नेहरू: भारत के पहले प्रधानमंत्री, 19 सितंबर 1959 को अपनी अफगानिस्तान यात्रा के दौरान काबुल गए थे और बाबर के मकबरे पर श्रद्धांजलि अर्पित की थी। 

* इंदिरा गांधी: पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1968 में (कुछ स्रोतों के अनुसार 1969 में) अपनी यात्रा के दौरान बाबर की मजार का दौरा किया था।

* मनमोहन सिंह: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अगस्त 2005 में अपनी अफगानिस्तान यात्रा के दौरान बाबर के मकबरे पर गए थे।

============

नहीं, ऐतिहासिक रिकॉर्ड और आधिकारिक यात्राओं के दस्तावेजों के अनुसार, पाकिस्तान के किसी भी प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति द्वारा काबुल में बाबर की मजार (बाबर के बाग) का दौरा करने का कोई आधिकारिक प्रमाण या विवरण नहीं मिलता है।
आमतौर पर पाकिस्तान के राष्ट्राध्यक्षों और राजनेताओं की अफगानिस्तान यात्राओं के दौरान उनके कार्यक्रम द्विपक्षीय वार्ताओं, सुरक्षा और कूटनीतिक बैठकों तक ही सीमित रहे हैं।
इसके विपरीत, काबुल स्थित बाबर की मजार पर जाने वाले प्रमुख विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और नेताओं में भारत के ही तीन प्रधानमंत्री (जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, और मनमोहन सिंह) और उनके प्रतिनिधिमंडलों के नाम ऐतिहासिक रूप से दर्ज और चर्चित हैं। 
=============

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

25 वर्षों में जनसेवा से वैश्विक नेतृत्व तक, मोदीजी की स्वाभिमानी राष्ट्र निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा — अरविन्द सिसोदिया

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

राजस्थान के व्याबर जिले में देवमाली गांव,कैंसर का 'झाड़ा'

भजनलाल शर्मा सरकार पर जनता की संतुष्टि की मोहर — अरविन्द सिसोदिया

जगाया तुमको कितनी बार jgaya tumko kitni bar

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस, मास्को जेल में..?

Lord Dattatreya's 24 Gurus and the Teachings Received from Them