पार्टी के आंदोलन में हुए उपद्रव पर पुलिस कार्यवाही
कॉकरोच पार्टी के आंदोलन में हुए उपद्रव पर पुलिस कार्यवाही पर रोक के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विश्लेषण हर कोई अपने हिसाब से कर रहा है, कोई इसे कॉकरोचों के लिए बड़ी राहत बता रहा है तो कोई क्या बता रहा है!
ऐसे में मैंने भी फैसले के मुख्य बिंदुओं को सरसरी तौर पर देखा तो मुझे पत्रकारों के दावे से अलग कुछ नजर आया, मुझे लगता है कि ये क्षणिक राहत है अब सरकार चाह कर भी उपद्रवियों को नही बचा सकती है! फैसले पर मेरा ये विश्लेषण आपके साथ शेयर कर रहा हू !
पहले एक बार सरसरी तौर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देखते है!
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई है!
1. 18 वर्ष से कम उम्र के गिरफ्तार छात्रों को रिहा करने का निर्देश दिया और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए नोटिस जारी किए।
2. आपराधिक इतिहास वाले लोगों को छोड़कर अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई भी कठोर या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
3. डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखना: सभी राज्यों और पुलिस को सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन रिकॉर्डिंग, बॉडी कैमरा फुटेज, वायरलेस रिकॉर्ड और पीसीआर लॉग सुरक्षित रखने को कहा गया है, साथ ही यह डेटा सार्वजनिक न करने का निर्देश दिया गया।
4. स्वतंत्र जांच: अदालत ने पुलिस बल के कथित अत्यधिक प्रयोग और हिंसा की निष्पक्ष व स्वतंत्र जांच की आवश्यकता बताई तथा केंद्र व संबंधित राज्यों को नोटिस जारी किया।
आंदोलन के नाम पर जन्तर मन्तर और संसद मार्ग पर हुए उपद्रवों के साथ कई राज्यो में हुए उपद्रवों के हजारों वीडियो सामने आए, कही से भी ये छात्र आंदोलन में होने वाला कोई मामूली उपद्रव नजर नही आ रहा था फिर भी सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शांतिपूर्वक आंदोलन पर इतना बलप्रयोग जाँच का विषय है! अब इसको कुछ लोग कह रहे है कि सुप्रीम कोर्ट ने आंदोलन को शांतिपूर्वक माना है लेकिन मुझे लगता है कि सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि आंदोलन शांतिपूर्ण था तो पुलिस ने इतना बलप्रयोग क्यो किया इसकी निष्पक्ष जाँच हो! यानि कि यहाँ जाँच से स्पष्ट होगा कि पुलिस को बलप्रयोग क्यो करना पड़ा, जाँच कमेटी के सामने पुलिस वो स्थितियां और साक्ष्य रखेगी जब उसे बलप्रयोग के लिए मजबूर होना पड़ा! इसीलिए सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यो की पुलिस को आंदोलन और उपद्रव से जुड़े सभी डिजिटल सबूतों और उपद्रवियों के डेटा को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है!
वही आपराधिक रिकॉर्ड वाले उपद्रवियों के लिए सर्वोच्च अदालत ने पुलिस को फ्री हैंड दे दिया है! उन्हें तो अब सरकार का नोटिफिकेशन भी रिहा नही करवा सकता है!
ऐसे में इस फैसले को आप कॉकरोचों के लिए बड़ी राहत कैसे कह सकते है? वास्तविक उपद्र्व तो उन आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगो ने ही किया है! जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने कोई राहत नही दी, ऐसे में अब पुलिस उनकी धरपकड़ तेज कर सकती है! और कोर्ट के आदेश के बाद कोई नेता या कॉकरोच नेता भी उनको बचाने के लिए सरकार पर दबाव बनाने या फिर आंदोलन की धमकी का प्रयास नही कर सकता है! बाकी जाँच के बाद भी वीडियो फूटेज में जो उपद्रवी सामने आएंगे उन्हें भी सरकार छोड़ सकती थी पर कानून नही!
देखते है आगे क्या होता है , इस विश्लेषण पर आप अपने विचार कमेंट कर बताये
जय श्री राम
जय श्री सीताराम 🙏
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें