राजेन्द्र राठौड़, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, राजस्थान विधानसभा
राजेन्द्र राठौड़, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, राजस्थान विधानसभा
कोटा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुख्य बिन्दु – दिनांक 16 जून 2026
मैं आज विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान कि “देश में होने वाला हर पेपर लीक, रद्द परीक्षा और रुकी हुई भर्ती व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के सपनों पर प्रहार है इसलिए छात्र अपनी आवाज बुलंद करें”, से सहमति व्यक्त करता हूँ।
कथित परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ राहुल गांधी विभिन्न शहरों में छात्र सम्मेलनों को संबोधित करेंगे जिसकी शुरुआत वे 17 जून को देश के सबसे बड़े कोचिंग हब कोटा से कर रहे हैं। इसके बाद 10 जुलाई को प्रयागराज, 11 जुलाई को पटना व 14 जुलाई को दिल्ली में कार्यक्रम करेंगे।
मैं राहुल जी को कहना चाहूँगा कि –
> बहुत देर से दर पे आँखें लगी थीं
हुज़ूर आते-आते बहुत देर कर दी
मसीहा तूने बीमार-ए-ग़म की
दवा लाते-लाते बहुत देर कर दी
राहुल जी, विगत कांग्रेस शासन के समय राजस्थान के युवाओं के साथ अन्याय तब हुआ जब यहाँ पेपर लीक माफिया सक्रिय थे। आज सरकार कार्रवाई कर रही है तब राजनीतिक पर्यटन के लिए कोटा पहुँचना युवाओं के घावों पर मरहम नहीं लगा सकता।
निश्चित तौर पर नीट पेपर लीक प्रकरण देश के लगभग 22 लाख विद्यार्थियों और उनके परिवारों की भावनाओं से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं बल्कि देश के युवाओं के सपनों, परिश्रम और भविष्य से जुड़ा प्रश्न है।
अब आगामी 21 जून को नीट का दोबारा एग्जाम हो रहा है। जब विद्यार्थी नीट के एग्जाम की तैयारी में लगे हुए हैं, ऐसे में महज 5 दिन पहले राजनीतिक कार्यक्रम करने का क्या औचित्य है? इसमें मेहनतकश छात्र और उनके परिवार शामिल नहीं होंगे।
NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित हुई थी जिसमें देशभर के लगभग 22 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
नीट पेपर लीक प्रकरण का सबसे पहला बड़ा खुलासा राजस्थान एसओजी ने किया था। परीक्षा से पहले एक “गेस पेपर” लाखों रुपये लेकर चुनिंदा अभ्यर्थियों और गिरोहों तक व्हाट्सएप पर पहुँचाया गया था। इस गेस पेपर के 125 से अधिक प्रश्न वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। रसायन विज्ञान के 45 में से 45 प्रश्न तथा जीव विज्ञान के 90 में से 90 प्रश्न और उनके उत्तर हूबहू वास्तविक परीक्षा में पाए गए।
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राजस्थान एसओजी की इसी प्रारंभिक जाँच ने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जिसके बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर पहुँचा और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 12 मई को परीक्षा रद्द कर नीट परीक्षा पेपर लीक की जाँच सीबीआई को सौंप दी।
सीबीआई ने जयपुर से मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल, हरियाणा से यश यादव तथा महाराष्ट्र के नासिक से शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया। जाँच आगे बढ़ने पर महाराष्ट्र के पुणे और लातूर तक फैले नेटवर्क का खुलासा हुआ जहाँ से कई अन्य आरोपियों को पकड़ा गया तथा सीबीआई ने रिटायर्ड प्रोफेसर पी.वी. कुलकर्णी को इस पूरे नेटवर्क का प्रमुख सूत्रधार बताया। अब तक 13 से ज्यादा गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं और जाँच लगातार आगे बढ़ रही है।
मैं राहुल जी से पूछना चाहता हूँ कि जब देश की सबसे बड़ी जाँच एजेंसी सीबीआई लगातार कार्रवाई कर रही है, आरोपी गिरफ्तार हो रहे हैं और सरकार दोषियों को कानून के कठघरे तक पहुँचाने का काम कर रही है तब कांग्रेस इस संवेदनशील विषय पर भी राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास क्यों कर रही है?
राहुल जी, विगत कांग्रेस सरकार के शासन में जब 19 पेपर लीक हुए थे तब आपको युवाओं के सपनों पर प्रहार होने, गहलोत शासन की विफल भर्ती व्यवस्था की याद क्यों नहीं आई? तब राहुल जी ने राजस्थान के युवाओं के बारे में क्यों नहीं सोचा?
सचिन पायलट अपनी ही सरकार के खिलाफ संघर्ष करते रहे और अपने पैरों के छालों की कसम तक खा डाली। राहुल जी, तब आप कहाँ थे?
राहुल जी, विगत कांग्रेस सरकार में 5 साल में हर बार राजस्थान बेरोजगारी दर (औसतन 28 से 35 फीसदी) में देश में पहले व दूसरे पायदान पर काबिज रहा है। मैं धन्यवाद देता हूँ भजनलाल सरकार को जिन्होंने राजस्थान को जो बेरोजगारी का तमगा मिला हुआ था उसे दूर करने का काम किया है। आज राजस्थान में बेरोजगारी दर 7.4 फीसदी है।
राहुल जी शायद आप भूल गये हैं कि कांग्रेस शासनकाल में राजस्थान पेपर लीक की घटनाओं के लिए पूरे देश में बदनाम हुआ था। लेकिन भजनलाल सरकार ने सत्ता संभालते ही 16 दिसम्बर 2023 को एसआईटी का गठन किया और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी, डमी अभ्यर्थियों और फर्जी डिग्री मामलों में 155 एफआईआर दर्ज की गईं तथा 515 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जबकि पिछली कांग्रेस सरकार अपने पूरे कार्यकाल में केवल 299 गिरफ्तारियाँ ही कर पाई थी।
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राहुल जी, आज भजनलाल सरकार में प्रदेश में अब तक लगभग 1.25 लाख युवाओं को सरकारी नियुक्तियाँ प्रदान की जा चुकी हैं जबकि 1.45 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। वर्ष 2026 के लिए 1.25 लाख पदों का भर्ती कैलेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त निजी क्षेत्र में भी 4.25 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
भर्ती परीक्षा कैलेंडर 2026 में जनवरी से दिसम्बर माह तक चरणबद्ध तरीके से 44 भर्ती परीक्षाओं का स्पष्ट रोडमैप तय किया गया है जिससे अभ्यर्थियों को पहले से तैयारी की निश्चित दिशा मिलेगी।
एसआईटी के गठन के बाद राजस्थान लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन बोर्ड एवं अन्य भर्ती एजेंसियों द्वारा 410 छोटी-बड़ी परीक्षाएँ सफलतापूर्वक आयोजित की गई हैं और एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है।
भजनलाल सरकार पिछली कांग्रेस सरकार के समय हुई सरकारी भर्तियों में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र और फर्जी डिग्रियों का सहारा लेकर सरकारी नौकरी पाने वाले जालसाजों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई कर रही है।
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय जब-जब पेपर आयोजित होते थे तब-तब नेटबंदी का रिकॉर्ड बनता था। लेकिन आज भजनलाल सरकार ने यह साबित किया है कि यदि राजनीतिक इच्छाशक्ति मजबूत हो तो परीक्षाएँ बिना किसी पेपर लीक के और बिना नेटबंदी के भी कराई जा सकती हैं।
विगत कांग्रेस सरकार के दौरान REET पेपर लीक प्रकरण में तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डी.पी. जारोली और वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में तत्कालीन आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा जैसे नाम सामने आए जिससे आरपीएससी संस्थान और भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता को गहरी ठेस पहुँची। तब आपने छात्र सम्मेलन करके आवाज बुलंद क्यों नहीं की? युवाओं और विपक्ष पर लाठीचार्ज क्यों करवाया?
कांग्रेस शासन के समय गहलोत जी ने बेरोजगार युवाओं को 4 हजार व महिलाओं को 4 हजार 500 भत्ता देने का वादा किया था लेकिन तत्समय कितने युवाओं को भत्ता दिया था उसका हिसाब देते तो अच्छा रहता।
राहुल जी, पिछली कांग्रेस सरकार के 5 साल अंतर्कलह में निकले। पिछली सरकार पाँच सितारा होटल में कैद रही लेकिन हमारी सरकार जनता के बीच रह रही है।
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आगामी 21 जून को आयोजित होने वाले नीट री-एग्जाम को लेकर केन्द्र व राजस्थान सरकार पूरी तरह सतर्क है। खुद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर उच्चस्तरीय बैठक लेकर परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
भाजपा सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि हमारे बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले एग्जाम माफिया को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
वर्ष 2026-27 में राजस्थान की कुल जीएसडीपी लगभग 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये अनुमानित है जबकि विगत कांग्रेस सरकार के समय वर्ष 2023-24 में राज्य की जीएसडीपी मात्र 15 लाख 22 हजार करोड़ रुपये ही थी। यानी वर्ष 2023-24 से 41.39 फीसदी की बढ़ोतरी राज्य की मजबूत होती अर्थव्यवस्था का संकेत है।
राजस्थान बजट 2026-27 में 53 हजार 978 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय आवंटित है जो कांग्रेस शासन के दौरान वर्ष 2023-24 में मात्र 26 हजार 646 करोड़ रुपये था।
प्रति व्यक्ति आय – वर्ष 2023-24 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 67 हजार रुपये थी जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2 लाख 2 हजार रुपये प्रतिवर्ष पहुँच गई है।
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