मानवअधिकार वादी भी माओवादियो जेसे ,

मानव अधिकार वादी अब क्यों चुप हे , उनकी चहक चहक खामोश हे।
कहं हे तिस्ता , कहा हे सरदेसाई । नक्सल वाद के आगे सब चुप हें ।
नक्सल वाद के बेरहम नर संहार की निंदा के लिय इनके होठ सिलगय ।
अपराधियो के पैरोकार शांत चित हिंदुत्व के विरुद तो तूफान उठा ले ते हें ।
मगर तब सच में कोई बंदूक हो तो , ख़ामोशी जिन्दावाद .... ,
तथाकथित मानवता वादी असल ने कोन हे ..., यह पता लगाना चाहिए ,
क्यों की इनकी गति विधि तो माओवादियो जेसा हे,
हिंदुत्व को बदनाम करो , उन्हें गलत सवित करो ,
तमाम हिसक आतंक वादियो , उग्र वादियो ,नक्सल वादियो , माओ वादियो के आगे चुप रहना ।
सच तो यह हे की बुधि के अजीर्ण से पीड़ित मानवता वाद खुद संदेह में हें ।
इन लोगों को , हिदू को बदनाम करने की ही तनाख्ह मिलती हें ।
के छुपे दुसमन हें, इनके नाकाव नोच लेने चाहिए ।
ये ओट से माओवाद हे ।
अरविन्द सीसोदिया
राधा क्रिशन मंदिर रोड , ददवारा ;
कोटा जन २ , राजस्थान ।

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

Instead of Opposing the RSS, Intolerant Americans Should Look Within — Arvind Sisodia

अर्द्धनारिश्वर स्त्री, समान अस्तित्व का सम्मान

दुनिया भर की धार्मिक संस्कृति में हिन्दू धर्म की झलक World Sanatan Dharma

राजस्थान के व्याबर जिले में देवमाली गांव,कैंसर का 'झाड़ा'

भारत में मुस्लिम आबादी फल फूल रही है और पड़ोसी देश में हिंदू तेजी से समाप्त हो रहा है

अवरोध और अपमान की राष्ट्रघाती विपक्षी राजनीति को जनता सबक सिखाएगी — अरविंद सिसोदिया