लालकृष्ण आडवाणी की जन चेतना यात्रा शुरू


वर्त्तमान सरकार की भ्रष्टाचार में संलिप्तता और भयावह मंहगाई के कारण देश में अचानक सभी राजनैतिक दलों के प्रति अविश्वास उत्पन्न हो गया है..! बात यहीं खत्म नहीं होती , बल्कि वर्तमान राजनैतिक व्यवस्था को लुटेरी और भ्रष्ट होने की जन धारणा बन गई..,जबकि यह कृत्य कांग्रेस नेतृत्त्व वाली यू पी ए सरकार का है..उनके भ्रष्टाचार हिमालय जैसे बड़े हैं .., विश्व में इससे बड़ा कोई एकाध ही भ्रष्टाचार होगा..! इन परिस्थितियों में लाल कृष्ण अडवानी जी की रथ यात्रा कम से कम राजनेतिक अविश्वाश को दूर करने और देश के सामने एक प्रभावी विकल्प रखनें के लिए उचित कदम है....
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भ्रष्टाचार के खिलाफ देशभर में बने माहौल के बीच बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी ने बिहार के सिताब दियारा से अपनी जनचेतना यात्रा शुरू कर दी। उन्होंने दावा किया कि यह यात्रा सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए है। यात्रा का मकसद देश और सरकार को भ्रष्टाचार के खिलाफ संदेश देना है।

यात्रा को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, लेकिन इससे पहले नीतीश ने इशारों में साफ कर दिया कि वह इसलिए इस यात्रा को हरी झंडी दिखाने के लिए आए हैं, क्योंकि यह यात्रा भ्रष्टाचार के खिलाफ है। यात्रा 20 नवंबर को दिल्ली में रैली के साथ समाप्त होगी।

1990 से लेकर अब तक लालकृष्ण आडवाणी 5 पांच बार रथ यात्रा निकाल चुके। मंगलवार से शुरू हो रही जन चेतना यात्रा अडवाणी की पिछले 21 सालों में छठी रथ यात्रा है।

लालकृष्ण आडवाणी की जन चेतना यात्रा शुरू हो चुकी है। यह यात्रा 23 राज्यों और चार केन्द्र शासित क्षेत्रों से गुजरते हुए 38 दिन में करीब 7600 किलोमीटर का सफर तय करेगी। यात्रा के दौरान वह अपने सहयोगियों के साथ रथ के अलावा कई बार हवाई यात्रा भी करेंगे करेंगे।

जनचेतना यात्रा से पहले भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश से भ्रष्टाचार मिटना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल सत्ता परिवर्तन नहीं व्यवस्था परिवर्तन होना चाहिए। उनका मानना है कि भ्रष्टाचार के कारण पूरे देश में लोगों में अनास्था है, विश्वास का अभाव है जिसे बदलने की जरूरत है। इसी माहौल को बदलने के लिए यात्रा निकालने की बात आडवाणी ने कही।

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