कविता - हिंदू एकता


गीत : हिंदू एकता

हिंदू एकता ही हिंदू अस्तित्व की पहचान है,
युग-युग से यही शक्ति, यही हमारा मान है।
आंधी आए, तूफ़ाँ आए, सच का दीप न डोले,
एक रहें हम, जाग रहें हम, यही समय की मांग है।
=== 1 ===
षड्यंत्रों ने सिर उठाया, झूठ का व्यपार फैलाया ।
आस्था को बदनाम किया, छलिया वेश को हथियार बनाया,
षड्यंन्त्रों की खोट रचते , सच को कठघरे खड़ा करते,
किन्तु जब-जब हमने हाथ मिलाया, शक्ति ने आकार पाया।
हिंदू एकता ही हिंदू अस्तित्व की पहचान है….....
===2 ===

फूट डालो, राज करो, यह नीति  है पुरानी ,
कुप्रचार की भाषा वही, चाल बड़ी सयानी,
भ्रम बोया, अविश्वास रचा, समाज को तोड़ने का खेल,
पर सनातन की जड़ें गहरी, हर षड्यंत्र हुआ है फैल।
हिंदू एकता ही हिंदू अस्तित्व की पहचान है…

===3===
सहिष्णुता, समरसता, सर्वजन हित का भाव,
सनातन के इसी समन्वय से जीवित है विश्वास,
जाति, वर्ग, संप्रदाय, क्षेत्र में बाँटने के हथकंडे,
एकता की लौ के आगे सब पड़ जाते ठंडे।
हिंदू एकता ही हिंदू अस्तित्व की पहचान है…
=== 4 ===
हमारा किसी से विरोध नहीं, हम सबके समन्वयकर्ता,
पर विस्तार उनकी चाह में, वे षड्यंत्र रचते रहते है।
धर्मांतरण, फंडिंग, छल और उकसावा करते रहते,
सबका उत्तर एक है,जाग्रत हिंदू एक जुट हिंदू।
हिंदू एकता ही हिंदू अस्तित्व की पहचान है…
===5===
शिक्षा, संस्कृति, धर्म को मत बनने दो व्यापार,
वोट बैंक की राजनीति से टूटता है सौहार्द अपार।
संवाद, तर्क और सत्य का यही सनातन पंथ,
इस पर जिसकी कुदृष्टि, उसको एकजुटता से दें संदेश।

हिंदू एकता ही हिंदू अस्तित्व की पहचान है,
युग-युग से यही शक्ति, यही हमारा मान है।
आंधी आए, तूफ़ाँ आए, सच का दीप न डोले,
एक रहें हम, जाग्रत रहें हम, यही समय की मांग है।
===समाप्त===

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