कविता - भारत महान की जय हो

कविता - भारत महान की जय हो 
- अरविन्द सिसोदिया 
जिस धरा पर भगवान आए,
उस हिंदुस्तान की जय हो।
भाव, रत्न और तंत्र के,
इस महान भारत की जय हो।

विश्व में सबसे दयालु–कृपालु,
सनातन के सम्मान की जय हो।
हिंदुस्तान की जय हो,
भारत महान की जय हो।

जिस माटी में वेदों की वाणी,
गूँजी ऋषियों की साधना हो।
जहाँ कण-कण में मर्यादा के राम हों,
जहां कृष्ण की प्रेम भावना आम हो।

जहाँ बुद्ध ने करुणा सिखाई,
महावीर ने संयम गाया हो।
नानक, कबीर की वाणी ने,
मानवता का दीप जलाया हो।

त्याग, तपस्या, वीरों की,
उस परंपरा की जय हो।
राणा, शिवा, भगतों की,
उस बलिदानी धरा की जय हो।

नदियाँ बोले अमृत कथा,
पर्वत बनें तपस्वी ध्यान।
वन-उपवन, खेत-खलिहान में,
श्रम का पवित्र गान।

एकता में विविधता रखे,
भाषा, वेश अनेक महान।
फिर भी एक सूत्र में बंधा,
मेरा भारत एक पहचान।

ज्ञान, विज्ञान, कला, संस्कृति,
सबका संगम यहाँ मिला हो।
शून्य से ब्रह्मांड तक पहुँचे,
ऐसा चिंतन यहाँ पला हो।

विश्व पथ को दीप दिखाए,
सत्य, अहिंसा की जय हो।
वसुधैव कुटुम्बकम् कहने वाली,
उस भावना की जय हो।

जब तक सूरज चाँद चमकें,
जब तक गूँजे गगन महान।
हिंदुस्तान की जय हो,
भारत महान की जय हो।


टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

महारानी कर्णावती का जौहर ही इस्लामी अत्याचार का सत्य Queen Karnavati

"आदमी की औकात " - जैन मुनि तरुण सागर जी महाराज

राजपूतो की शान रोहणी ठिकाना : सिर कटने के बाद भी लड़ने वाले वीरों की कहानी

राजस्थान के व्याबर जिले में देवमाली गांव,कैंसर का 'झाड़ा'

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

माननीय इन्द्रेश कुमार जी indresh kumar rss

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

स्वामी विवेकानन्द : प्रेरक प्रसंग Swami Vivekananda motivational incident

श्री चांदमारी बालाजी मंदिर मार्ग कोटा की समस्या व समाधान Chandmari Balaji Kota