VB-G RAM G मनरेगा का अपडेट स्वरूप है वीबी -जी रामजी, इसे ठीक से समझें

VB-G RAM G (Viksit Bharat - Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission - Gramin) एक नया कानून है जिसे भारत सरकार ने 2025 के अंत में मनरेगा (MGNREGA) की जगह लेने के लिए पेश किया है। यह योजना ग्रामीण भारत को 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य से जोड़ने के लिए तैयार की गई है। 

इस योजना का पूरा विवरण नीचे दिया गया है:
1. पूरा नाम (Full Form)
VB: विकसित भारत (Viksit Bharat)
G: गारंटी (Guarantee)
R: रोजगार (Rozgar)
A: आजीविका (Ajeevika)
M: मिशन (Mission)
G: ग्रामीण (Gramin) 

2. मुख्य प्रावधान और बदलाव
रोजगार के दिनों में वृद्धि: मनरेगा के तहत मिलने वाले 100 दिनों के रोजगार को बढ़ाकर अब प्रति ग्रामीण परिवार 125 दिन कर दिया गया है।

साप्ताहिक भुगतान: मजदूरी का भुगतान अब 15 दिनों के बजाय साप्ताहिक आधार (Weekly) पर किया जाएगा।

कृषि अवकाश: खेती के मुख्य सीजन (Peak Season) के दौरान काम को अस्थायी रूप से रोकने का प्रावधान है ताकि कृषि कार्यों के लिए मजदूरों की कमी न हो।

फंडिंग का ढांचा: यह अब एक केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) है, जिसमें केंद्र और राज्यों के बीच खर्च का बँवारा 60:40 के अनुपात में (पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के लिए 90:10) होगा। 

3. प्रमुख लक्ष्य क्षेत्र (Focus Areas)
सरकार ने इस मिशन के तहत चार प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है: 
जल सुरक्षा: जल संरक्षण से संबंधित कार्य।
ग्रामीण बुनियादी ढांचा: गांवों के मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास।
आजीविका परिसंपत्तियां: आय बढ़ाने वाले साधनों का निर्माण।
जलवायु लचीलापन: भीषण मौसम की घटनाओं से निपटने के लिए विशेष कार्य। 

4. तकनीकी पारदर्शिता
धोखाधड़ी रोकने के लिए इसमें AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), बायोमेट्रिक उपस्थिति, और रियल-टाइम डैशबोर्ड का उपयोग अनिवार्य किया गया है। 

यह विधेयक दिसंबर 2025 में संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) द्वारा पारित किया गया था और वर्तमान में 2026 में लागू होने की प्रक्रिया में है। 


VB-G RAM G (विकसित भारत - जी राम जी) कानून, जिसे दिसंबर 2025 में पारित किया गया, मनरेगा (MGNREGA) का स्थान लेता है। 2026 में इसके लागू होने के साथ आए प्रमुख बदलाव और अंतर नीचे दिए गए हैं: 
मनरेगा बनाम VB-G RAM G: प्रमुख अंतर
विशेषता मनरेगा (MGNREGA) VB-G RAM G (2026 अपडेट)

1- रोजगार की अवधि प्रति वर्ष 100 दिन का रोजगार। अब इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है।

2- फंडिंग मॉडल मजदूरी का पूरा खर्च (100%) केंद्र सरकार वहन करती थी। अब केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 का बँवारा होगा।

3- कृषि अवकाश साल भर काम उपलब्ध रहता था (मांग के आधार पर)। खेती के सीजन (बुवाई/कटाई) के दौरान 60 दिनों का अवकाश (काम बंद) रहेगा।

4- भुगतान चक्र भुगतान आमतौर पर 15 दिनों में होता था। अब साप्ताहिक भुगतान (Weekly) का प्रावधान है।

5- दृष्टिकोण यह मांग आधारित (Demand-driven) था। यह अब आपूर्ति आधारित (Supply-driven) है, जिसमें बजट सीमित (₹95,000 करोड़) है।

प्रमुख 2026 अपडेट्स
1- खेती के लिए मजदूरों की उपलब्धता: नए कानून में 60 दिनों के 'पॉज विंडो' (काम रोकने की अवधि) का प्रावधान इसलिए किया गया है ताकि फसल की बुवाई और कटाई के समय किसानों को मजदूरों की कमी का सामना न करना पड़े।

2- पंचायत की बढ़ी हुई शक्ति: अब 'विकसित ग्राम पंचायत योजना' (VGPP) के माध्यम से पंचायतें खुद तय करेंगी कि उनके गांव में कौन से काम होने चाहिए।

3- कड़ा दंड: प्रावधानों के उल्लंघन पर जुर्माने की राशि ₹1,000 से बढ़ाकर ₹10,000 कर दी गई है।

4- तकनीकी निगरानी: भ्रष्टाचार रोकने के लिए AI-आधारित धोखाधड़ी पहचान, GPS निगरानी और अनिवार्य बायोमेट्रिक उपस्थिति लागू की गई है।

5- आरोप - "राज्यों पर बोझ: मजदूरी में 40% हिस्सेदारी के कारण अब राज्यों पर वित्तीय बोझ बढ़ गया है, विशेषकर उन राज्यों में जहां काम की मांग अधिक है। " 
इसका जबाब - केंद्र सरकार से पैसा लिया जाता था उसे सिर्फ खर्च करने का दृष्टिकोण होता रहा है। राशि जिस कार्य पर व्यय करनी है उसके ओचित्य, उसकी गुणवत्ता, उसके स्थायित्व की कोई चिंता नहीं की जाती थी। राज्य सरकारों को व्यय धन में भगीदार बनाने से उनकी जबाबदेही बढ़ेगी। गुणवत्ता में सुधार होगा। सबसे महत्वपूर्ण राज्य सरकार क्या सिर्फ वोट लेनें और सत्ता सुख भोगने के लिए है,आप अपनी जनता पर व्यय क्यों नहीं करते ? जब राज्य सरकारें राज्य के शासन के सभी सुख प्राप्त करते हें तो उन्हें जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र के लिए भी जबाबदेही उठायें।
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नरेगा (NREGA) का पूरा नाम 'राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम' (National Rural Employment Guarantee Act) है। 

इसकी ऐतिहासिक यात्रा और 2026 तक के महत्वपूर्ण बदलाव नीचे दिए गए हैं:-
शुरुआत (2005): इसे 2005 में 'नरेगा' (NREGA) के नाम से पारित किया गया था और 2 फरवरी 2006 को लागू किया गया।

नाम परिवर्तन (2009): 2 अक्टूबर 2009 को महात्मा गांधी की जयंती पर इसका नाम बदलकर 'मनरेगा' (MGNREGA) यानी 'महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम' कर दिया गया।

नया स्वरूप (2026): वर्तमान में 2026 में, भारत सरकार ने इसे VB-G RAM G (विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन - ग्रामीण) के रूप में पुनर्गठित किया है। 
नरेगा (अब VB-G RAM G) के तहत 2026 के मुख्य आंकड़े:
रोजगार गारंटी: अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिन का रोजगार मिलता है।

- मजदूरी दर (2025-26): वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मजदूरी में लगभग 6% की वृद्धि की गई है, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी हुई है।

- पारदर्शिता: अब जॉब कार्ड के लिए e-KYC और बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। 

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