देश की जनता विपक्ष के सत्ता-लोलुप और अराजक आचरण को कभी स्वीकार नहीं करेगी - अरविन्द सिसोदिया

देश की जनता विपक्ष के सत्ता-लोलुप और अराजक आचरण को कभी स्वीकार नहीं करेगी - अरविन्द सिसोदिया 
लोकतंत्र में कब्जावादी अराजकता का कोई स्थान नहीं, देश-प्रदेश किसी की जागीर नहीं – अरविन्द सिसोदिया

कोटा, 16 जनवरी। भाजपा मीडिया विभाग के कोटा संभाग संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने विपक्ष द्वारा संवैधानिक संस्थाओं को डराने, धमकाने एवं उनके साथ दुर्व्यवहार करने के लगातार बढ़ते अशोभनीय कृत्यों की कड़ी भर्त्सना करते हुए कहा कि “लोकतंत्र में कब्जावादी अराजकता का कोई स्थान नहीं है। देश और प्रदेश किसी व्यक्ति या पार्टी की निजी जागीर नहीं हैं।”

उन्होंने कहा कि “पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का हालिया आचरण पूरी तरह संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध है। संवैधानिक संस्थाओं पर खुलेआम हमले करना और जांच एजेंसियों को रोकने का प्रयास करना सत्ता का घोर दुरुपयोग है। ऐसे कृत्य किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में अस्वीकार्य हैं और उन्हें नैतिक रूप से सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।”

सिसोदिया ने आरोप लगाया कि " कांग्रेस और उसके सहयोगी दल पिछले एक दशक से लोकतंत्र और संविधान को ताक पर रखकर लगातार संवैधानिक व्यवस्थाओं पर चोट कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि “ये दल स्वयं को कानून से ऊपर समझने लगे हैं और देश व राज्यों को अपनी निजी जागीर की तरह चलाने का दुस्साहस कर रहे हैं। यह मानसिकता लोकतंत्र के रास्ते सामंतशाही सोच को जबरन थोपने का प्रयास है।”

उन्होंने कहा कि " देश की जनता ने स्पष्ट जनादेश देकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व को चुना है, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दल प्रतिदिन सरकार को गरियाने, झूठे आरोप लगाने और अपमानजनक शब्दावली का प्रयोग करने में लगे रहते हैं। " उन्होंने कहा कि " यही रवैया वे भारत की संवैधानिक संस्थाओं के साथ भी अपना रहे हैं। “कभी चुनाव आयोग को निशाना बनाया जाता है, कभी ईडी, कभी न्यायालय तो कभी सीबीआई पर सवाल खड़े किए जाते हैं। इन संस्थाओं को डराना, धमकाना और उनके कार्यों में बाधा डालना न केवल अनैतिक है बल्कि पूरी तरह असंवैधानिक भी है।”

सिसोदिया ने कहा कि " कांग्रेस की इसी मानसिकता से प्रेरित होकर उसके सहयोगी दल भी खुलेआम कानून व्यवस्था को चुनौती देने लगे हैं। पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई के दौरान जिस तरह से हमला हुआ और सरकारी संरक्षण में डकैती जैसी घटनाएँ सामने आईं, वह राज्य सरकार की अराजक और असंवैधानिक सोच को उजागर करती हैं। यह केवल एक एजेंसी पर हमला नहीं है, बल्कि देश की संवैधानिक व्यवस्था पर सीधा प्रहार है।”

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “भाजपा लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी। कानून सबके लिए समान है, चाहे वह कितना ही बड़ा पद क्यों न रखता हो। देश की जनता ऐसे सत्ता-लोलुप और अराजक आचरण को कभी स्वीकार नहीं करेगी।”

सिसोदिया ने अंत में कहा कि “लोकतंत्र में सत्ता जनता की सेवा के लिए होती है, न कि संवैधानिक संस्थाओं को कुचलने के लिए। जो लोग संवैधानिक मर्यादाओं को रौंदने का प्रयास कर रहे हैं, उन्हें जनता समय आने पर करारा जवाब देगी ।”


भवदीय 

अरविन्द सिसोदिया 
9414180151

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