जीवन जीने का असली सलीका सिर्फ 'अनुभव' से आता है



'थोड़ी चालाकी भी जरूरी है...' बुजुर्ग दादी ने बताए जीवन के 4 ऐसे सबक, जो कोई स्कूल नहीं सिखाता!

जीवन जीने का मंत्र

किताबें आपको ज्ञान दे सकती हैं, लेकिन जीवन जीने का असली सलीका सिर्फ 'अनुभव' से आता है! हमारे बड़े-बुजुर्ग जब भी कोई बात कहते हैं, तो उसमें पूरी जिंदगी का निचोड़ होता है। सोशल मीडिया पर एक बुजुर्ग महिला, सतवंती सिंह का एक वीडियो खूब देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने जीवन जीने के 4 ऐसे नियम बताए हैं, जिन्हें अगर आपने अपना लिया, तो दुनिया आपको कभी धोखा नहीं दे पाएगी!

1. थोड़ी बहुत चालाकी जरूरी...
थोड़ी बहुत चालाकी जरूर सीख लेनी चाहिए। इसलिए नहीं की आप दूसरों को बेवकूफ बनाना चाहते हैं, बल्कि इसलिए ताकि कोई आपको हर बार बेवकूफ ना बना सके।

2. मीठी बातों और सुंदरता पर न जाएं...
किसी की मीठी-मीठी बातों में नहीं आना चाहिए, क्योंकि मिठास से उनके अंदर का कुछ पता नहीं चलता। सुंदरता से उनके अंदर का कुछ पता नहीं चलता। जैसे मोर.. नाचता हुआ वो बहुत खूबसूरत लगता है। लेकिन खाता तो वो भी कीड़े-मकौड़े है।

3. जिन्हें पचता नहीं है उन्हें कुछ ना बताएं...
ऐसे लोगों को कुछ नहीं बताना चाहिए। क्योंकि वो पता नहीं सीक्रेट्स कहां जाकर उगल दें, और ना चाहते हुए भी आपका नुकसान हो जाए।

4. सच बोलें, पर संभलकर...
सच बोलना चाहिए, लेकिन इतना भी सच मत बोलो की कोई आपको झूठा ही समझने लग जाए। आपकी सच्चाई का किसी को अंदाजा ही ना हो। ...तो दुनिया के साथ रहना है तो दुनिया के जैसा बनकर रहना होगा।

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