स्वामित्व योजना (SVAMITVA)
स्वामित्व योजना (SVAMITVA)
भारत सरकार की एक केंद्रीय योजना है जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के अधिकारों का रिकॉर्ड तैयार करना और ग्रामीणों को उनकी आवासीय संपत्तियों के लिए 'संपत्ति कार्ड' जारी करना है, जिससे उन्हें अपनी संपत्ति को वित्तीय परिसंपत्ति के रूप में उपयोग करने और ऋण प्राप्त करने में मदद मिले; इसमें ड्रोन तकनीक का उपयोग करके भूमि का सर्वेक्षण और मानचित्रण किया जाता है, जिससे संपत्ति विवाद कम होते हैं और ग्रामीण नियोजन में सुधार होता है।
मुख्य उद्देश्य:
संपत्ति के अधिकार: ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति के कानूनी अधिकार प्रदान करना और 'अधिकारों का रिकॉर्ड' (Record of Rights) देना।
वित्तीय सशक्तिकरण: ग्रामीणों को अपनी संपत्ति के आधार पर बैंक ऋण और अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त करने में सक्षम बनाना।
भूमि रिकॉर्ड: सटीक भूमि रिकॉर्ड और जीआईएस (GIS) मानचित्र तैयार करना।
ग्रामीण नियोजन: ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (GPDP) के लिए सटीक डेटा प्रदान करना।
संपत्ति विवाद में कमी: संपत्ति संबंधी विवादों और कानूनी मामलों को कम करना।
कैसे काम करती है:
ड्रोन सर्वेक्षण: पंचायती राज मंत्रालय, राज्य राजस्व विभागों और भारतीय सर्वेक्षण विभाग के सहयोग से, ड्रोन तकनीक का उपयोग करके ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया जाता है।
मैपिंग: ड्रोन से भूमि के भूखंडों के हाई-रिजॉल्यूशन डिजिटल मानचित्र बनाए जाते हैं।
संपत्ति कार्ड: इन मानचित्रों और सर्वेक्षण डेटा के आधार पर, घर के मालिकों को 'संपत्ति कार्ड' (Property Card) जारी किए जाते हैं, जो मालिकाना हक का प्रमाण होते हैं।
डिजिटल एक्सेस: ये संपत्ति कार्ड डिजिलॉकर (DigiLocker) ऐप पर भी उपलब्ध कराए जाते हैं।
लाभ:
ग्रामीणों को अपनी संपत्ति का दस्तावेजीकरण मिलता है।
संपत्ति को गिरवी रखकर आसानी से ऋण मिल सकता है।
ग्राम पंचायतों के लिए संपत्ति कर का निर्धारण और संग्रह आसान हो जाता है।
बुनियादी ढांचे के विकास और नियोजन में मदद मिलती है।
शुरुआत:
24 अप्रैल 2021 (राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रव्यापी शुभारंभ किया गया।
पायलट चरण 2020-21 में 9 राज्यों (जैसे महाराष्ट्र, कर्नाटक, यूपी, राजस्थान) में चलाया गया था।
SVAMITVA
स्वामित्व योजना का उद्देश्य, ग्रामीण आबादी के आवासीय अधिकार अभिलेख तैयार करना है. इसके लिए, पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार, राज्य के राजस्व विभाग और भारतीय सर...
Survey of India
क्या है स्वामित्व योजना
भारत की 60 प्रतिशत से अधिक की आबादी गॉव में निवास करती है । ... अधिकांश परिवारों के पास आवासीय सम्पत्ति के कागज़ नहीं है । ... योजना में ग्रामीण क्षेत्रों की आव...
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मध्य प्रदेश सहित ग्रामीण भारत में स्वामित्व योजना (SVAMITVA) का मुख्य उद्देश्य ड्रोन तकनीक से ग्रामीण आबादी का सर्वेक्षण कर संपत्ति मालिकों को 'अधिकारों का रिकॉर्ड' (Property Card) देना है, ताकि वे अपनी संपत्ति को वित्तीय संपत्ति के रूप में उपयोग कर सकें, बैंक ऋण ले सकें और संपत्ति विवाद कम हों, जो 24 अप्रैल 2020 को शुरू हुई और 2024-25 तक चलेगी। यह योजना पंचायती राज मंत्रालय, भारतीय सर्वेक्षण विभाग और राज्य राजस्व विभागों के सहयोग से संचालित होती है।
मूल उद्देश्य (Key Objectives):
आर्थिक सशक्तिकरण: ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति (मकान/भूमि) का कानूनी प्रमाण (Property Card) देकर उन्हें वित्तीय संपत्ति में बदलने और बैंक ऋण प्राप्त करने में सक्षम बनाना।
संपत्ति विवादों में कमी: ड्रोन मैपिंग द्वारा सटीक भूमि रिकॉर्ड बनाकर संपत्ति से जुड़े विवादों और कानूनी मामलों को कम करना।
ग्राम पंचायत सशक्तिकरण: संपत्ति कर निर्धारण में मदद करना और ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (GPDP) के लिए सटीक GIS मानचित्र उपलब्ध कराना।
ग्रामीण नियोजन: ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बेहतर भूमि रिकॉर्ड और मानचित्र तैयार करना।
प्रारंभ और अवधि (Start & Duration):
प्रारंभ: 24 अप्रैल 2020 (राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस) को प्रधानमंत्री द्वारा।
पायलट चरण (Pilot Phase): 2020-21 में मध्य प्रदेश सहित 6 राज्यों में शुरू हुआ।
कुल अवधि: 2020-21 से 2024-25 तक (5 वर्षों के लिए)।
मध्य प्रदेश में स्थिति (Status in MP):
मध्य प्रदेश स्वामित्व योजना के शुरुआती (पायलट) चरणों में शामिल था और इसके तहत ड्रोन सर्वेक्षण पूरे हो चुके हैं, जिससे ग्रामीणों को संपत्ति कार्ड मिल रहे हैं।
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भारत में कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी की दो मुख्य विनाशकारी लहरें (Waves) निम्नलिखित समय के दौरान आई थीं:
पहली लहर (First Wave): यह लगभग मार्च 2020 से शुरू होकर जनवरी 2021 तक रही। इसका पीक (चरम) सितंबर 2020 के आसपास था, जब प्रतिदिन लगभग 90,000 से अधिक मामले सामने आ रहे थे।
दूसरी लहर (Second Wave): यह लहर बहुत तेज़ी से आई और मार्च-अप्रैल 2021 से शुरू होकर जून-जुलाई 2021 तक रही। यह लहर पहली लहर की तुलना में बहुत अधिक घातक थी और इसने अप्रैल-मई 2021 में पीक (चरम) छुआ।
इसके बाद, तीसरी लहर मुख्य रूप से ओमिक्रॉन वेरिएंट के कारण दिसंबर 2021 के अंत में शुरू हुई थी।
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