सबसे बडा प्रश्न,सरकार की अयोग्यता !!



- अरविन्द सिसोदिया 
आज सबसे बडा प्रश्न सरकार की अयोग्यता का है। यदि कोई ड्राईवर कार चलाने की योग्यता का वायदा कर नौकरी हांसिल करता है और ड्राइविंग नहीं जानता तो उसे हटाना ही पडता है। केन्द्र सरकार कहती है कि वह भ्रष्टाचार ए मंहगाई नहीं रोक सकती विदेशों में जमा काला धन वापस नहीं ला सकती तो अपनी अयोग्यता के आधार पर स्वंय हट जाना चाहिये। या कोई इस तरह का रास्ता भी होनेा चाहिये कि अयोग्य को हटाया जा सके या उसे वापस बुलाया जा सके।
अन्ना की बात केन्द्र सरकार मानती है उनके साथ पांच मंत्रियों को बिठाती है उनके अन्स चार सहयोगियों के साथ उन्हे भी ड्राफट कमेटी में शामिल करती है। और फिर उन्हे ही जेल में डाल देती है और फिर ठोड देती है। क्या मजाक है। ऐसा ही बाबा रामदेव के साथ किया जाता है चार चार मंत्री उनकी अगुवाई के लिये हवाई अडडे पर पहुचते हैंए उनसे सीधे होटलों में बाम चीत की जाती है। और फिर आधी रात में उन्हे अपराधियों की तरह खदेडा जाता हे। क्या कहीं भी लगता है कि सरकार के पास सही नैतिकतापूर्ण दिमाग है घ् आंध्रप्रदेश में जगन के पिता कांगेेसी मुख्यमत्री थे उनने कोई आय से अधिक सम्पत्ति जमा की थी तो तब कार्यवाही क्यों नहीं हुई घ् अब जगन आपके साथ नहीं है तो आप ने सीबीआई से उस से छापे उस पर डलवाने शिरू कर दिये | सरकारी तंत्र को बदले की भावना  से दुरूउपयोग में इस सरकार ने नई मिसाल कायम की है

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

इन्हे भी पढे़....

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

भक्त प्रहलाद : Bhagat Prhlad

दशा माता पूजन Dasha Mata Puja

‘फ्रीडम टु पब्लिश’ : सत्य पथ के बलिदानी महाशय राजपाल

‘‘भूरेटिया नी मानू रे’’: अंग्रेजों तुम्हारी नहीं मानूंगा - गोविन्द गुरू

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

कविता - हिन्दु सनातन जिसे कहते है वह मानवता का मान है

आपातकाल : लोकतंत्र की प्रथम हत्या Emergency: The First Murder of Democracy