भारतमाता कैसे जश्न मनाये ?





- अरविन्द सिसोदिया 
आराजकता का आसमान उठा है ,
आशों का शमसान बना है !
जीने का हक़ महंगाई ने छीना ,
सुविधों को भ्रष्टाचार खा गया ! 
भारतमाता कैसे जश्न मनाये ?
शासन में ही शैतान छिपा है !!!

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