दिग्विजय सिंह का करकरे से संपर्क का राज सामने आना चाहिए...?

- अरविन्द सीसोदिया
यह एक कहावत है कि सबसे ज्यादा लाडला बेटा सबसे ज्यादा बिगडेल हो जाता है और उसकी हर गलती को जायज ठहराने के लिए माता  पिता सौ कहानियां गड़ते हैं , उसे सार्वजानिक रूप से डाँटते फटकारते हैं और उसे अन्दर ही अन्दर प्रोत्साहन भी देते हैं .! 
यही काम अमरीका अपने लाडले पाकिस्तान से करता है और भारत  आतंकवादियों  से करता है ..!कांग्रेस तो आतंकवादियों को गले लगनें में सभी पुराने रिकार्ड ध्वस्त करने पर उतारू है !
  कांग्रेस के महा सचिव दिग्विजय सिंह जो बोलते हैं वह सोनिया जी की अनुमति और जानकारी में ही बोलते हैं येसा माना जाता है , कांग्रेस संदेस से भी यही आभास  मिलता है ! इस लिए सिंह के बयानों से कांग्रेस पल्ला नहीं छाड़  सकती ..! सब कुछ सोची समझी राजनीति के तहत हो रहा है ! 
*** हिन्दू साध्वी प्रज्ञा मध्य प्रदेश से है , दिग्विजय सिंह भी मध्य प्रदेश से हैं , वे वहां १० साल मुख्य मन्त्र और कई बार मंत्री रहे हैं.., अब कांगेस के ही एक प्रवक्ता ने हेमंत करकरे के परिवार का मूल मध्य प्रदेश से बताया है ! सिंह स्वीकार कर चुके हैं कि वे करकरे के संपर्क में थे .., यह मामला अब जासूसी और आपराधिक पाखंड की और संदिग्ध हो रहा है.., जांच यह होनी चाहिए कि सिंह क्या साध्वी को फंसवाने के लिए करकरे के संपर्क में थे ताकी हिन्दूओं पर आतंकवाद कि कहानी गाड़ी जा सके...? यह एक संशय उभर कर आया है ..! मध्य प्रदेश में सिंह की सरकार नहीं थी और महाराष्ट्र में उनके दल की सरकार थी ..! जांच में आज तक साध्वी के खिलाफ कोई ठोस बात नहीं आई है !
*** भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा है कि सिंह का बयान किसी बड़ी राजनैतिक सजिसा का हिस्सा है , जांच होनी चाहिए कि यह किसके कहने पर हुआ ...?
**** भारत सचार निगम ने सिंह को यह बता दिया था कि सामान्यतः ६ माह पूर्व तक का ही रिकार्ड मिल पाता है सुरक्षा एजेंसियों के द्वारा भी माँगने पर यह १३ माह पूर्व तक का ही मिल पाता है ..! सिंह ने 26 नवम्बर २००८ के काल डिटेल  को भोपाल में भारत संचार निगम से देने का अनुरोध किया था और तभी उन्हें महाप्रबंधक ने मना  कर दिया था ..! फिर इस मामले को उठाने का क्या मकसद था ..!! शायद वे जानते थे की यह जबाव दे लेंगे ..! मामले पर बहस तो हो ही जायेगी !! एक न्यू सेन्स खड़ा थो किया ही जा सकता है !
**** कांगेस का आतंवाद प्रेम...
- सिंह के २ साल बाद यह एकल बात कह कर मुम्बई हमले के हमलावरों को परोक्ष बचानें का प्रयास किया है..! जबकी यह बात उन्हें तब ही महाराष्ट्र पुलिस और न्यायालय को बतानी चाहिए थी! - सिंह के इस बयान के विरुद्ध इंदौर की एक अदालत में १५३ ए ,२९५ और २९८ के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है ! अगली सुनवाई ७ जनवरी २०११ को है !  
 - संसद पर हमलावरों  को फांसी में रूकावट  कांग्रेस सरकार बनी  हुई है !
- कश्मीर में कांग्रेस के सर्थन से बैठी उमर सरकार आतंकवाद को प्रोत्साहित कर रही है !
- राजीव गांधी के हत्यारों से उनकी बेटी प्रियंका जेल में मुलाकात करती है !
- राहुल द्वारा नक्सलवादियों को साथ लिया जाता है !
- चीन  और पाकिस्तान के विरुद्ध बोलती बंद है !
- देश के लोगों को देहली  में बाहरी बताया जाता है और बाहरी बंगला देशियों के खिलाफ बोलती बंद है !

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