अपने राजनैतिक स्वार्थ की रोटियां

  हिन्दू कभी आतंकवादी नहीं  हो सकता
- अरविन्द सीसोदिया
पूरी दुनिया में एक चर्चा  है, यह सही है क़ी धर्म कोई आतंकवाद नहीं होता, मगर लगभग हर दूसरी  घटना के पीछे कोई ना कोई मुस्लिम व्यक्ती खड़ा नजर आता है, यह बात भारत में लगभग कई वर्षों से गूंज रही है . क्यों क़ी यह एक ज्वलंत प्रश्न  है . अफगानिस्तान , पाकिस्तान और भारत में तो स्पष्टता से सामने आया है क़ी पाकिस्तानीं व्यक्तियों के द्वारा  संगठित रूप में आतंकवाद चलाया जा रहा है . उनके प्रशिकक्षण  के अड्डों की जानकारी है , हर महीने  दो महीने  में आप पाकिस्तान को धमकी देते हो , चेतावनी देते हो, बातें करते हो .. वह बड़ी बेहयाई से  तुम्हरी  बातों को हवा में उडा देता है .  भारत क़ी सरकार और उसके सुरक्षा बल ना तो उसको रोक पा रहे हैं ना ही उन्हें माकूल जबाब दे पा रहे हैं. अमेरिका में हेडली क़ी पूछताछ के बाद जो खुलासे हुए उनसे भी साफ होगया क़ी गलती पर भारत सरकार और भारतीय मीडिया में बैठे कुछ आतंकवाद के पोषक हैं .
          आप उनका तो कुछ  बिगाड़ नही पा रहे जो वास्तव में आतंकवादी हैं , जो कभी आतंकवादी नही हो सकते  उनके माथे आतंकवाद मढ़  रहे हो..? शर्म  क़ी बात है क़ी आप साध्वी प्रज्ञा के बारे में आज तक जो जांच हुई है उसमें एक भी सबूत नही बता पाए , उस एक निरीह महिला के विरुद्ध आपने क्या कुछ नही किया ...! उससे स्पष्ट  लगता है कि जांच कम शांत चित्त  हिन्दू को बदनाम करने की कोशिश ज्यादा है।  जांच के खिलाफ कतई कोई नही हो सकता मगर वह जांच  सिर्फ राजनैतिक लाभ का एक षड्यंत्र मात्र हो यह ठीक नहीं है।
        अफजल जैसे आतंकवादी को आज भी जेल में बिठाकर खाना खिला रहे हैं। सिमी व इंडियन मुजाहिदीन को कुछ केंद्रीय मंत्री अच्छे आचरण का प्रमाणपत्र देने लगे हैं। आप अपना तो आचरण देखें ...! आप क़ी बात का वजन नहीं है . बात सिर्फ इतनी सी  है क़ी आप राजनैतिक बचपने में जिस आग से खेलने जा रहे हैं वह आप बुझा  नही पाएंगे ...? आप के रणनीतिकार कहीं काम नही आयेंगे , क्योनी जब पेड बबूल  का बोया जाता है तो कांटे भी आपके ही लगते हैं .
मेरा बड़ा स्पष्ट मानना है क़ी आप वोट के स्वार्थ के लिए हिन्दू को आतंकवाद के नाम से बदनाम करना बंद   करो .  ये आज  भी ८५ प्रतिशत हैं आप सोते को जगा रहे हो . देश में आग लग जायेगी . इसका खामियाजा दोनों कोमों को भुगतना पड़ेगा , आप तो सुरक्षित हैं , आम आदमी क़ी मोंत होती है.
    आप को  नक्सलवाद और पाकिस्तान प्रेरित आतंकवाद को नियंत्रित करने पर ध्यान देना चाहिए . जो वास्तविक आतंकवाद हैं . भारत ही एक मात्र ऐसा देश है. जहाँ  क्षेत्रवाद, जातिवाद, नक्सलवाद और आतंकवाद अपने पैर पसार रहा है. और आज स्थिति यह है कि इसका नियंत्रण एक चुनौती बन गया है. सब से बड़ी बात यह है क़ी यह सभी कांग्रेस क़ी छत्र छायाँ में ही जन्में, फले फूले और आगे बड़े  हैं . मगर वह अपनी  राजनैतिक स्वार्थ की रोटियां सेंकने में लगी हुई है.  देश की जनता भी सब जानती है. अब वह जागरूक हो रही है. यही वजह है कि मुंबई में हुए आतंकी हमले के बाद जिस तरह से जनता इन राजनेताओं के खिलाफ सड़क पर उतरकर आई वह एक सीख थी .असली आतंकवाद से मुह चुराना ठीक नही , हिन्दू को आतंकवादी  कहना, अपमान और गाली है .


- राधाकृष्ण  मन्दिर रोड , डडवाडा ,कोटा २ , राजस्थान .

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