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मारवाड़ का रक्षक वीर दुर्गादास राठौड़ : जोधपुर

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मारवाड़ का रक्षक वीर दुर्गादास राठौड़ : जोधपुर ऐतिहासिक तथ्यों से परिपूर्ण लेख :- अपनी जन्मभूमि मारवाड़ को मुक्त कराने वाले वीर दुर्गादास राठौड़ का आज 22 नवंबर को निर्वाण दिवस है। उनका जन्म जन्म 13 अगस्त, 1638 को ग्राम सालवा में हुआ था। उनके पिता जोधपुर राज्य के दीवान श्री आसकरण तथा माता नेतकँवर थीं। आसकरण की अन्य पत्नियाँ नेतकँवर से जलती थीं। अतः मजबूर होकर आसकरण ने उसे सालवा के पास लूणवा गाँव में रखवा दिया। छत्रपति शिवाजी की तरह दुर्गादास का लालन-पालन उनकी माता ने ही किया। उन्होंने दुर्गादास में वीरता के साथ-साथ देश और धर्म पर मर-मिटने के संस्कार डाले। आसकरण जी उज्जैन की लड़ाई में धोखे से मारे गये। उस समय दुर्गादास केवल पंद्रह वर्ष के थे पर ऐसे होनहार थे कि मारवाड़ के तत्कालीन राजा जसवन्त सिंह (प्रथम) अपने बड़े बेटे पृथ्वीसिंह की तरह इन्हें भी प्यार करने लगे। एक बार महाराज के एक मुँह लगे दरबारी राईके ने कुछ उद्दण्डता की। दुर्गादास से सहा नहीं गया। उसने सबके सामने राईके को कठोर दण्ड दिया। इससे प्रसन्न होकर राजा ने उन्हें निजी सेवा में रख लिया और अपने साथ अभियानों में ले जाने लगे। एक