पोस्ट

दिसंबर 27, 2014 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अटल बिहारी वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय को भारत रत्न

इमेज
पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय को जन्म दिन पर भारत रत्न का तोहफा By  एबीपी न्यूज़   Thursday, 25 December 2014 नई दिल्ली: आज भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय का जन्मदिन है. जन्मदिन से पहले भारत सरकार ने दोनों को भारत रत्न दिए जाने का एलान किया है. वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय को गणतंत्र दिवस यानि 26 जनवरी के मौके पर देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा. अटल बिहारी वाजपेयी आज 90 साल के हो जाएंगे तो वहीं काशी हिंदू विश्वविधालय के संस्थापक पंडित मदनमोहन मालवीय का आज 153वां जन्मदिन है. बुधवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ट्वीट कर यह जानकारी दी.   राष्ट्रपति  प्रणब मुखर्जी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर भारत रत्न दिए जाने का एलान किया. लोकसभा चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बीएचयू की स्थापना करने वाले मालवीय को भारत रत्न देने का वादा किया था. आपको बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी एनडीए के शासन काल में प्रधानमंत्री थे. मई 1996 में वाजपेयी 13 दिन के लिए पीएम बने थे फिर 1998 में 13 महीने के लिए

भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है 'भारत रत्न'

इमेज
नई दिल्ली। भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है 'भारत रत्न'। यह सम्मान राष्ट्रीय सेवा के लिए दिया जाता है। इन सेवाओं में कला, साहित्य, विज्ञान, सार्वजनिक सेवा और खेल शामिल है। इस सम्मान की स्थापना 2 जनवरी 1954 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति श्री राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई थी। अन्य अलंकरणों के समान इस सम्मान को भी नाम के साथ पदवी के रूप में प्रयुक्त नहीं किया जा सकता। प्रारम्भ में इस सम्मान को मरणोपरांत देने का प्रावधान नहीं था, यह प्रावधान 1955 में बाद में जोड़ा गया। तत्पश्चात 12 व्यक्तियों को यह सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया गया। सुभाष चन्द्र बोस को घोषित सम्मान वापस लिए जाने के उपरान्त मरणोपरान्त सम्मान पाने वालों की संख्या 11 मानी जा सकती है। एक वर्ष में अधिकतम तीन व्यक्तियों को ही भारत रत्न दिया जा सकता है। पदक मूल रूप में इस सम्मान के पदक का डिजाइन 35 मिमि गोलाकार स्वर्ण मैडल था। जिसमें सामने सूर्य बना था, ऊपर हिन्दी में भारत रत्न लिखा था और नीचे पुष्प हार था। और पीछे की तरफ राष्ट्रीय चिह्न था। फिर इस पदक के डिजाइन को बदल कर तांबे के बने पीपल के पत्ते पर प्लेटिनम

आज अटलजी से बेहतर भारत रत्न कौन : डा. वेदप्रताप वैदिक

इमेज
आज अटलजी से बेहतर भारत रत्न कौन ! लेखक - डा0 वेदप्रताप वैदिक  लिंक  http://www.vpvaidik.com/atalji-se-behtar-bharat-ratan-kyon नया इंडिया, 25 दिसंबर 2014:  आज के दिन भारत रत्न के लिए श्री अटलबिहारी वाजपेयी से बेहतर उम्मीदवार कौन हो सकता था और उनको यह सम्मान कॉंग्रेस सरकार देती तो उससे बेहतर क्या होता? लेकिन यह श्रेय मोदी सरकार को ही मिलना था। अब तक कॉंग्रेसी अटल बिहारी वाजपेयी को ‘गलत पार्टी में सही आदमी’कहते रहे| उन्होंने वह मौका खो दिया, कि वे इस ‘सही आदमी’ के सिर पर ताज़ रख देते| अटलजी अभी भाजपा में हैं या नहीं, इसका कोई खास मतलब नहीं रह गया है और अब वे सक्रिय राजनीति करेंगे, इसकी भी कोई संभावना नहीं रह गई है| ऐसे में कॉंग्रेस अपने पुराने व्यंग्य को उलट सकती थी| वह कह सकती थी कि ‘सही आदमी सही जगह’ पर है याने अटलजी भारत-रत्न हैं| वैसे भी आज देश में जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के कद का कोई नेता नहीं है| इन दोनों महान नेताओं का कोई सच्चा उत्तराधिकारी है तो वह अटलबिहारी वाजपेयी ही है| नेहरू की पहचान लोकतंत्र से और इंदिरा गॉंधी की पहचान शक्ति-पूजा से है| अटलजी नेहरू के