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स्वतंत्रता संग्राम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका

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स्वतंत्रता संग्राम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का जन्म 1898 में हुआ। महात्मा गांधी के नेतृत्व में तीन सत्याग्रह हुए : 1921, 1930 और 1942। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने अपने निधन (1940) से पहले 1921 और 1930 के सत्याग्रहों में भाग लिया था और उन्हें कारावास भी सहना पड़ा। डॉ. मनमोहन वैद्य लिखते है, “एक योजनाबद्ध तरीके से आधा इतिहास बताने का एक प्रयास चल रहा है। भारत के लोगों को ऐसा मानने के लिए बाध्य किया जा रहा है कि स्वतंत्रता केवल कांग्रेस के और 1942 के सत्याग्रह के कारण मिली है। और किसी ने कुछ नहीं किया। यह बात पूर्ण सत्य नहीं है। गांधी जी ने सत्याग्रह के माध्यम से, चरखा और खादी के माध्यम से सर्व सामान्य जनता को स्वतंत्रता आन्दोलन में सहभागी होने का एक सरल एवं सहज तरीका, साधन उपलब्ध कराया। लाखों की संख्या में लोग स्वतंत्रता आन्दोलन से जुड़ सके, यह बात सत्य है। परन्तु सारा श्रेय एक ही आन्दोलन या पार्टी को देना यह इतिहास से खिलवाड़ है, अन्य सभी के प्रयासों का अपमान है।” (पांचजन्य, 17 सितंबर, 2018) शुरूआत