संदेश

अप्रैल, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

हनुमान ग्यारसा और हनुमान बीसा

🌺 हनुमान ग्यारसा (मंदिर पाठ भजन स्वरूप) 🌺 प्रारंभ की अर्चना... हनुमानजी सिखाते हैँ हमको क्या करना है, कैसे जीना है और कैसा बनना है। (मुखड़ा, जिसे हर पद के बाद दोहराएँ) हनुमान सा जीवन जीना, संकट में साथ निभाना। पुण्य प्रताप जगाना, धर्म भाव प्रगटाना।। 1 गिरते को हाथ थाम लेना, हर मन में ज्योति जलाना॥ सत्य मार्ग पर अडिग रहना, धैर्य से आगे बढ़ जाना॥ (मुखड़ा) 2 निर्बल जन का बल बनना, अन्याय से ना घबराना॥ भय को मन से दूर भगाकर, आत्मबल को अपनाना॥ (मुखड़ा) 3 जैसे सागर लांघा तुमने, वैसे विजय को पाना॥ ईश्वर नाम का ध्यान लगाकर, हर क्षण भक्ति में रम जाना॥ (मुखड़ा) 4 ज्ञान, विनय और बल लेकर, जीवन पथ को सजाना॥ क्रोध त्याग संयम अपनाकर, मन को शांत बनाना॥ (मुखड़ा) 5 मित्रता में सच्चाई रखना, हर संबंध निभाना॥ भटके जन को राह दिखाकर, सत्य पथ पर लाना॥ (मुखड़ा) 6 सेवा को ही धर्म बनाकर, जग में यश फैलाना॥ स्वस्थ तन और दृढ़ मन से, हर संकट को हर जाना॥ (मुखड़ा) 7 मोह के इस जाल से बचकर, सच्चा मार्ग अपनाना॥ माया से दूर रहकर, सरल जीवन अपनाना॥ (मुखड़ा) 8 कर्तव्य को सर्वोपरि मान, हर कर्म को निभाना॥ भक्ति, कर्म और सत्य ...