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संबोधन विजयादशमी उत्सव : प.पू. सरसंघचालक डॉ. श्री मोहनराव भागवत

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विजयादशमी उत्सव 2014 : सरसंघचालक जी का उद्बोधन प.पू. सरसंघचालक डॉ. श्री मोहनराव भागवत के श्री विजयादशमी उत्सव 2014 (शुक्रवार दिनांक3अक्तुबर2014)के अवसर पर दिये गये उद्बोधन का सारांश- http://www.rss.org/Encyc/2014 एक वर्ष के पश्‍चात् फिरसे हम सब विजयादशमी के पुण्यपर्व पर यहॉं एकत्रित हैं,परंतु इस वर्ष का वातावरण भिन्न है यह अनुभव हम सभी को होता है। भारतीय वैज्ञानिकों के द्वारा पहिले ही प्रयास में मंगल की कक्षा में यान का सफल प्रवेश करा कर हमारे संबंध में विश्‍व में गौरव तथा भारतीयों के मन में आत्मविश्‍वास की वृद्धि में चार चॉंद जोड़ दिये है। मंगल अभियान में जुड़े वैज्ञानिकों का तथा अन्य सभी कार्यकर्ताओं का हम स्रदय से शतशत अभिनंदन करते हैं। वैसे ही दक्षिण कोरिया में चल रहे आशियद खेलों में पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ानेवाले सभी खिलाडियों का भी हम अभिनन्दन करते है। यह वर्ष राजराजेंद्र चोल की दिग्विजयी जीवनगाथा का सहस्राब्दी वर्ष है। इस वर्ष पं. दीनदयाल उपाध्याय द्वारा एकात्म मानव दर्शन के आविर्भाव का50वॉं वर्ष भी हैं। भारत वर्ष का सामान्य समाज विश्‍व के तथाकथित प्रगत राष्ट्रों की