विश्व की सबसे ऊंची सैन्य चोटी पर मोदी ने जवानों संग मनाई दिवाली





विश्व की सबसे ऊंची सैन्य चोटी पर मोदी ने जवानों संग मनाई  दिवाली

24 Oct 2014 


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सियाचिन के सैनिकों और कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों के बीच दिवाली मनाई। विश्व की सबसे ऊंची व दुर्गम सैन्य चोटी पर तैनात सेना के जवानों को संबोधित किया और मिठाई बांटी। वे करीब एक घंटे तक सियाचिन में जवानों के बीच रहे। यहां से वे श्रीनगर गए, जहां उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की।
सियाचिन स्थित बर्फ की ऊंची चोटियों से मोदी ने दीपावली के मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को बधाई दी। मैं समझता हूं कि प्रणब दा को मिली बधाई में यह अनोखी होगी। उन्होंने कहा कि शायद पहली बार किसी प्रधानमंत्री को दिवाली के शुभ दिन हमारे जवानों के साथ समय बिताने का अवसर मिला है। देश के प्रहरियों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चाहे ऊंचाई हो या भीषण ठंड, हमारे सैनिकों को कोई नहीं रोक सकता। वे वहां खड़े हैं और देश की सेवा कर रहे हैं। वे हमें सही मायने में गौरवान्वित कर रहे हैं।
उमर ने मांगी उदार मदद
सियाचिन से प्रधानमंत्री श्रीनगर पहुंचे। एयरपोर्ट पर राज्यपाल एनएन वोहरा व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उनकी अगवानी की। उमर ने प्रधानमंत्री से राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास के लिए उदार वित्तीय मदद मांगी। सितंबर में आई भयावह बाढ़ के बाद मोदी की जम्मू-कश्मीर की यह दूसरी यात्रा थी। पहले वे राज्य के लिए 1 हजार करोड़ का राहत पैकेज घोषित कर चुके हैं। राज्य सरकार बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास के लिए 44 हजार करोड़ मांग रही है।
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पूरा देश आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार है। सियाचिन के जवानों के साथ दिवाली मनाना गर्व की बात है। पूरा देश चैन से सोता है क्योंकि आप जागते हैं। आपके परिवारों का प्रतिनिधि बनकर आया हूं। आपके कारण देश के 125 करोड़ लोग खुशी से दिवाली मनाते हैं। आप दुश्मनों को खतरा और अपनों को जीवन देते हैं।
-नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

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