पोस्ट

अप्रैल 10, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

जी हां, ये भारत हैं...!

*जी हां, ये भारत हैं...!*-  प्रशांत पोळ दिनांक १४ अगस्त २००३ को, जब न्यूयॉर्क में दोपहर के ४ बजकर १० मिनिट हो रहे थे, तब अचानक शहर की बिजली चली गई. अमेरिका में बिजली जाने की घटना कभी कभार होती हैं. इसलिए सारे भौचक्के रह गए. सारा शहर मानो थम सा गया. बिजली की समस्या न होने के कारण जनरेटर्स की व्यवस्था नहीं थी. अनेक लोग लिफ्ट में अटक गए. सारी मेट्रो ट्रेन बीच में ही रुक गई..... कुछ देर बात पता चला, केवल न्यूयॉर्क नहीं, तो सारी उत्तर-पूर्व अमेरिका अंधेरे में हैं. न्यूजर्सी, मेरिलैंड, कनेक्टिकट, मिशिगन, मॅसेच्युएट, पेनसिल्वानिया.... ऐसे अनेक राज्यों में बिजली गायब थी. ये सारे राज्य अंधेरे में थे. वहाँ की ग्रिड फेल हो चुकी थी. यह परिस्थिती अमरीकी जनता के लिए अजीब सी थी. उन्हे सूझ ही नहीं रहा था, क्या करे. सभी कुछ तो बिजली पर आधारित था. बच्चों से लेकर तो बूढ़ों तक, सत्तर / अस्सी मंजिल वाले अपार्टमेंट में अपने घर में जाना यह एक बड़ी समस्या थी. खैर, १४ अगस्त की रात तो जैसे तैसे निकली. पर १५ अगस्त को अमरीकी जनता के सब्र का बांध टूट गया. वे चिल्लाने लगे, दुकाने लूटने लगे, बिलबोर्ड्स तोड़ने लगे