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भारत में अनिवार्य हो सैन्य प्रशिक्षण

भारत में अनिवार्य हो सैन्य प्रशिक्षण (7 Feb) अजीत शर्मा लेखक, विहार विधानसभा के सदस्य हैं  भारतीय सुरक्षा परिवेश पर नजर डाली जाए तो यह तथ्य उभर कर सामने आता है कि न तो हमारी सीमाएं सुरक्षित हैं और न ही सीमा के अंदर का कोई क्षेत्र। आज भारत के समक्ष सुरक्षा चुनौतियां काफी बढ़ गई हैं। ऐसे में अधिक सजग रहने की आवश्यकता है। यह जरूरत तब तक बनी रहेगी जब तक कि दक्षिण एशिया में भारत के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी पड़ोसी देशों पाकिस्तान व चीन हथियारों की प्रतिस्पर्धा समाप्त नहीं करते, या फिर इन देशों के साथ भारत के आपसी संबंध मधुर नहीं बनते। दूसरी तरफ, देश के अंदर फैला आतंकवाद जन-जन की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है। कहने का तात्पर्य यह कि भारत का प्रत्येक नागरिक असुरक्षा की परिधि में आ चुका है और असुरक्षा की यह परिधि तभी समाप्त हो सकती है, जब भारत का हर नवयुवक सुरक्षा के लिए न सिर्फ कुशल तरीके से प्रशिक्षित हों, बल्कि अपनी व अपने देश की सुरक्षा करने में सक्षम हो। फिलहाल, सरकार इसके लिए तैयार होती दिखाई नहीं पड़ रही। विदित हो कि कुछ दिन पहले राज्य सभा सांसद अविनाश राय खन्ना ने निजी विधेयक के जरिए क