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केरल बना वामपंथी विचारधारा का खूनी चेहरा

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केरल या कसाईखाना http://panchjanya.com            केरल में जब से माकपा के नेतृत्व में सरकार बनी है, तब से वहां भाजपा और संघ के कार्यकर्ताओं की हत्याएं बढ़ गई हैं। ऐसा लगता है कि वामपंथियों ने भगवान का अपना घर माने जाने वाले केरल को कसाईघर बना दिया है। 2016 में मई से सितंबर तक 300 से अधिक हत्या की वारदातें हो चुकी हैं  । - लोकेन्द्र सिंह  ईश्वर का अपना घर' कहा जाने वाला और प्राकृतिक संपदा से संपन्न प्रदेश केरल लाल आतंक की चपेट में है। प्रदेश में लगातार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। केरल वामपंथी हिंसा के लिए बदनाम है, लेकिन पिछले कुछ समय में हिंसक घटनाओं में चिंतित करने वाली वृद्धि हुई है। खासकर जब से केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की सरकार आई है। संघ और भाजपा का कहना है कि प्रदेश में मार्क्सवादी हिंसा को मुख्यमंत्री पी़ विजयन का संरक्षण प्राप्त है। अब तक की घटनाओं में स्पष्ट तौर पर माकपा के कार्यकर्ताओं और नेताओं की संलिप्तता उजागर हुई है। लेकिन राज्य सरकार ने हिंसा को रोकने के लिए कोई कठोर