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ब्रिटिश शासन पद्धति भारत के अनुकूल नहीं..!

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- अरविन्द सीसोदिया  संविधान कहता है, मुझे फिर लिखवाओ। नेताओं के चोर रास्ते बंद करवाओ, राष्ट्रधर्म पर परख फिर सिंहासन पर बिठाओ,वास्तविक लोकतंत्र बनाओ। वंशवाद खा गया देश को,चोर उच्चके हो गये नेता। बहूमत बैठा भीख मांगता, अल्पमत सिंहासन हथियाता।। फिरसे विचार करो,कैसे हो रामराज्य का पूरा सपना! संविधान कहता है, मुझे फिर लिखवाओ। निर्वाचन पद्धति ; जवावदेह  प्रतिनिधि चुनने  में सक्षम बने   राष्ट्रीय  स्वंयसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक कु. सी. सुदर्शन जी ने कोटा में २२ अक्टूबर को दिए कश्मीर मुद्दे पर संबोधन में सर्व प्रथम भारतीय जन प्रतिनिधियों की निर्वाचन प्रक्रिया की व्यवस्था पर ही प्रश्न खड़ा करते हुए, उसे देश के लिए अहितकर बताया...! उनकी बात सही थी.., दिमाग पर जोर डालने से लगता है कि सब कुछ गड़बड़ झाला है! श्री सुदर्शन ही ने कहा  ब्रिटिश शासन पद्धति  भारत के अनुकूल नहीं..!         देश ने स्वाधीनता के पश्चात जिस जनतांत्रिक व्यवस्था को स्वीकार किया  , वह इग्लैंड में चलने वाली व्यवस्था का प्रतिरूप है  | इग्लैंड भारत से ३० गुणा छोटा देश है, जनसँख्या में भी

इंदिरा जैसा दम चाहिए..! प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कायरता त्यागें

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*मनमोहन सिंह .., नेहरु की तरह पराजित मानसिकता ग्रस्त *विशेष कर विदेश नीति और शत्रु संहार के मामलों में इंदिरा जी  से सीखें   *स्वाभिमान खो देने वाला कभी नहीं जीतता !!  *मनमोहन सिंह जी रिमोट स्टाईल ठीक नहीं हैं..,     - अरविन्द सीसोदिया पहले पाकिस्तान के तमाशे ब्रिटेन - अमरीकी गुट की सह पर और अब चीन की सह पर, एकवार फिर से बड़ी उलझन बन गई है..! देश फिरसे युद्ध और नए विभाजन के सामने खड़ा है...!!     जो कुछ प्रधानमंत्री नेहरु जी की कायरता के कारण हुआ , वही सब अब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी की कायरता से हो रहा है..! उस समय ब्रिटेन- अमरीकी गुट के पैरोकार भारत के गवर्नर जनरल लार्ड माउन्टबेटन थे अब यू पी ए की सर्वेसर्वा  सोनिया गांधी ...! वे भी ईसाई थे ये भी ईसाई हैं..!!     नेहरुजी पाकिस्तान के द्वारा कश्मीर के दवाये हिस्से को उसी  के कब्जे में छोड़  दिया.., तिब्बत पर से भारतीय हक़ चीन  के पक्ष में छोड़ दिए.., फिर चीन से युद्ध हार गए..! जम्मू और कश्मीर में शेख अब्दुल्ला  के राष्ट्र विरोधी कृत्यों  को अवसर दिया...!! यही मनमोहन सिंह की स्थिती है.., पाकिस्तान  के सामने दब्बू की तरह दुम हि