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हिन्दू हैं हम, सच है तो सिर चढ़कर बोलेगा !

हिन्दुत्व - हिन्दू हैं हम सच है तो सिर चढ़कर बोलेगा तारीख: 30 Aug 2014 ये सामान्य भाव से कही गयी बात नहीं है। ये दुष्टों की आंखों में आंखें डाल कर कहा गया जवाब है। आज नहीं तो कल सम्पूर्ण विश्व उन हत्यारी विचारधाराओं से यह प्रश्न पूछेगा कि मानवीय मूल्यों और सहिष्णुता के नाम पर शांति के मजहब का खजाना खाली क्यों है? इस बात को पूछे-कहे बिना विश्व शांति संभव भी नहीं है। हिन्दुस्थान में रहने वाला 'हिन्दू' है। और इस सत्य को मानने में अपने पुरखों-परम्पराओं से साम्य रखने वाले देशवासियों को कोई आपत्ति नहीं है। प्रस्तुत है पाञ्चजन्य का विशेष आयोजन = तुफैल चतुर्वेदी कुछ दिन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक माननीय भागवत जी के बयान हिंदुस्तान के सभी नागरिक हिन्दू हैं पर वामपंथी, मुस्लिम चरमपंथी, कांग्रेसी ता-ता-थैया कर रहे हैं। भागवत जी के बयान के दूरगामी निहितार्थ हैं अत: इस पर इस प्रकार की प्रतिक्रिया अपेक्षित ही थी। इस परिप्रेक्ष्य में स्वयं को हिन्दू मानने से इंकार करने के कारणों पर विचार करना समीचीन होगा। आइये हिन्दू की परिभाषा क्या है इस विवाद में पड़े बिना हिन्दू धर्म को उ

मानवता को गले लगाने वाला हेै हिन्दू धर्म - परम पूज्य सरसंघचालक भागवतजी

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हिन्दुत्व - मानवता को गले लगाने वाला हेै हिन्दू धर्म - परम पूज्य सरसंघचालक श्री मोहनजी  भागवत तारीख: 30 Aug 2014 — सरदार रविरंजन, वरिष्ठ पत्रकार - पाञ्चजन्य ब्यूरो पिछले दिनों मुंबई में विश्व हिन्दू परिषद के स्वर्णजयंती समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत का एक बयान 'हिन्दुत्व राष्ट्र की पहचान है,उसकी यह अन्तर्भूति शक्ति है कि वह और भी पंथ-संप्रदायों को हजम कर सकता है। जो जरा हाजमा बिगड़ जाने के कारण थोड़ा शैथिल्य हो गया, जिसके परिणाम आज हम भुगत रहे हैं,उसको दूर करना है'। श्री भागवत के इस बयान के आते ही सेकुलरों की समाचार चैनलों पर जमात लगनी प्रारम्भ हो गई। ऐसा लगा मानो कोई संकट आ गया हो। हिन्दुस्थान और हिन्दू की नई-नई परिभाषाएं गढ़ी जाने लगीं। यहां तक कि हिन्दुस्तान टाइम्स समाचार पत्र ने श्री मोहनराव भागवत के बयान पर एक सर्वे किया। और जनता से जानना चाहा कि कितने लोग सहमत हैं कि भारत एक हिन्दू राष्ट्र है। जनता ने सच को उद्घोषित करते हुए 60.92 प्रतिशत लोगों ने स्वीकार किया कि भारत एक हिन्दू राष्ट्र है और 38.26 प्रतिशत लोग इस मत से सहमत नज