टीचर डे-- बना-- मोदी डे--!




टीचर डे-- बना-- मोदी डे--!
अदभुद सोच और सामर्थ हैं मोदी के पास आज बच्चो और अभिभावकों का दिल जीत लिया मोदी जी ने क्षिक्षको का बढ़ाया विश्वास । वाह मोदी जी वाह ।


पीएम नरेंद्र मोदी का संदेश, होशियार बच्चों को शिक्षक बनना चाहिए
05-09-2014

नई दिल्ली। शिक्षक दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में मानेकशॉ ऑडिटोरियम से देश भर के स्कूली बच्चों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि क्या कारण है कि बहुत सामर्थ्यवान विद्यार्थी टीचर बनना पसंद नहीं करता, हमें सोचना होगा कि होशियार विद्यार्थी शिक्षक क्यों नहीं बनना चाहते।

प्रधानमंत्री ने कहा, क्या हम बच्चों के मन में यह भावना नहीं जगा सकते कि एक अच्छा टीचर बनें, हमारी कोशिश होनी चाहिए कि हम अच्छे टीचरों को एक्सपोर्ट कर सकें। प्रधानमंत्री ने कहा कि अध्यापन देश की उत्तम सेवा है। पीएम मोदी ने कहा कि स्टूडेंट्स को संबोधित करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। आज सारी दुनिया में अच्छे टीचर्स की मांग है।

उन्होंने कहा कि महापुरूषों के जीवन में शिक्षकों का बडा योगदान रहा है। जो पीढियों के बारे में सोचते हैं, वो इंसान बोते हैं। गांवों में एक समय सबसे आदरणीय शिक्षक हुआ करते थे। टीचर्स से बच्चों का अपनापन होता है। हमारे देश के बच्चों में आगे बढने का काफी सामर्थ्य है। एक बच्चे के जीवन में मां और शिक्षक का योगदान सबसे बडा होता है। उन्होंने कहा कि आज देश में एक माहौल बनना चाहिए और इसके लिए मुझे हर स्कूल से मदद चाहिए। शिक्षकों को तकनीकी पर जोर देना चाहिए।

मुझे सफाई के लिए हर स्कूल से मदद चाहिए...

हम राष्ट्रनिर्माण को जनांदोलन बना दें, तो सफल होंगे। हर किसी की शक्ति को जोडना होगा। देश के हर पढे-लिखे व्यक्ति को हफ्ते में एक बार स्कूल जाकर जरूर पढाना चाहिए।

गूगल गुरू के भरोसे नहीं रहना चाहिए...
पीएम ने बच्चों से कहा कि जीवन में खेल-कूद नहीं हो, तो जीवन खिल नहीं सकता, इसलिए बच्चे खेलकूद में सक्रिय रूप से भाग लें ताकि जिंदगी किताबों के बोझ तले दब न जाए। किताबों, टीवी के दायरे से बाहर भी जीवन है। पीएम ने कहा कि जिंदगी में परिस्थितियां किसी को रोक नहीं सकती है। जीवन में मस्ती भी होनी चाहिए। बच्चों को जीवन चरित्र पढाना चाहिए। सिर्फ गूगल गुरू के भरोसे नहीं रहना चाहिए।

बच्चों में पीएम के भाषण को लेकर खासा उत्साह दिखा। भाषण के बाद पीएम बच्चों के सवालों के जवाब दिए। इससे पहले पीएम मोदी ने हेड मास्टरों को एसएमएस भेजकर शिक्षक दिवस की बधाई दी।

�शिक्षक दिवस पर स्कूली छात्रों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच के संवाद को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के मकसद से रेडियो, दूरदर्शन, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के वेब चैनलों के जरिये इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण (लाइव स्ट्रीमिंग) किया गया। देश के 18 लाख सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में प्रधानमंत्री के इस संबोधन का सीधा प्रसारण हुआ।

मानेकशॉ ऑडिटोरियम में मोदी के संबोधन को सुनने के लिए सरकारी स्कूलों के 600 तथा केंद्रीय विद्यालयों के 100 छात्र-छात्रा मौजूद रहे। वहीं, देश भर के स्कूलों में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये छात्र और छात्राओं नें मोदी के संबोधन को सुना।

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