भारतीय मुस्लिमों के पूर्वज हैं राम : मोहम्मद अफजाल





भारतीय मुस्लिमों के पूर्वज हैं राम, जल्द बनेगा मंदिरः अफजाल
Published 24-Apr-2016

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद अफजाल,

नई दिल्ली। राम मन्दिर के मुद्दे पर सिर्फ वीएचपी ही आवाज नहीं उठा रही है बल्कि अब मुस्लिम राष्ट्रीय मंच भी अदालत के बाहर राम मंदिर के मुद्दे को सुलझाने की तैयारी में है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए व्यापक सहमति बनाने की तैयारी कर ली है।

मंच इसके लिए बाबरी मस्जिद एक्शन कमिटी से भी बातचीत की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक मंच की इसी हफ्ते नागपुर में हुई तीन दिन की मीटिंग में भी यह मसला उठा।

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद अफजाल ने ईनाडु इंडिया से बातचीत में कहा कि अब वक्त आ गया है कि मुस्लिम समुदाय को अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए हिंदू समाज का समर्थन करना चाहिए। अफजाल ने कहा कि असली  असहिष्णुता तो ये है कि बहुसंख्यक हिंदुओं के आराध्य रामलला अयोध्या में तिरपाल में हैं।

उन्होंने कहा कि भारत का मुस्लिम समाज कोई बाहर से नहीं आया है और ना ही हमारे पूर्वज अरब या बाबर हैं। अफजाल ने कहा कि भारत के मुसलमानों के पूर्वज सिर्फ भगवान राम ही हो सकते हैं। अफजाल ने यहां तक कहा कि अयोध्या में करीब 20 और मस्जिदें हैं जहां नमाज पढ़ी जाती है वहां कई मजार भी हैं लेकिन हिंदू समाज मस्जिद या मजार पर तो दावा नहीं करता। वह बस एक ही जगह दावा कर रहे हैं। इसलिए हमें इसमें सहमति से राम मंदिर बनने देना चाहिए।

मंच नेता ने कहा कि मजहब-ए-इस्लाम के अंदर अगर मस्जिद बनाना चाहते हैं तो जमीन की मलकियत मुस्लिम समाज में किसी की या वक्फ की होनी चाहिए। लेकिन अयोध्या की उस जगह की मलकियत न तो मुस्लिम समाज के पास है न वक्फ बोर्ड के पास है।

उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज का अधिकार उस जमीन पर नहीं है जहां गर्भगृह है। अफजाल ने कहा कि हम नहीं चाहते कि राम के नाम पर इंसानियत का खून बहे इसलिए इसका फैसला जितनी जल्दी हो उतना अच्छा है।

मोहम्मद अफजाल ने ईनाडु से बातचीत में कहा कि हम कोर्ट का फैसला आने से पहले ही इस मसले का समाधान चाहते हैं। इसलिए मंच अब बाबरी मस्जिद एक्शन कमिटी से भी बातचीत की पहल कर रहा है। हम चाहते हैं कि हम हिंदू समाज के साथ मिलकर आगे बढ़े।

उन्होंने कहा कि आज भी अयोध्या में रामलला की पूजा हो ही रही है तो इस मसले को और ज्यादा क्यों खींचना चाहिए। हम फसाद नहीं चाहते और मुस्लिम समाज को तरक्की की दरकार है। इसके लिए विवाद न करते हुए मुस्लिम समाज को अयोध्या में  राम मंदिर बनाने में सहयोग कर

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