बीबीसी : हैदराबाद धमाका: भाग्य के बली या 'अपराधी'?



केंद्र सरकार और राज्य सरकार सच पता लगाये ....


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हैदराबाद धमाका: भाग्य के बली या 'अपराधी'?
उमर फ़ारूक़ / बीबीसी संवाददाता, हैदराबाद
शनिवार, 23 फ़रवरी, 2013
हैदराबाद में हुए दोहरे बम विस्फोट की छानबीन के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उस युवक से भी पूछताछ करने का फैसला किया है जो पांच साल में दूसरी बार आतंकवादी हमले में घायल हुआ है.इस बात ने पुलिस को संदेह में डाल दिया है कि 23 वर्षीय अब्दुल वासे मिर्ज़ा इससे पहले 18 मई 2007 को मक्का मस्जिद में हुए विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुआ था और अब वो एक बार फिर दिलसुखनगर के बम विस्फोट में घायल होने के बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती है.पुलिस ने इस युवक के ऊपर पहरा बैठा दिया है.
हैदराबाद के हाफिज़ बाबा नगर के रहने वाले इस युवक के बारे में पुलिस विस्तार से जांच कर रही है और उस का स्वास्थ बेहतर होते ही पुलिस अधिकारी उससे पूछताछ करना चाहते हैं. पुलिस यह जानना चाहती है कि यह युवक विस्फोट के समय वहां क्या कर रहा था.
हालाँकि उसने कुछ समाचार माध्यमों से बात करते हुए कहा कि वो चप्पल की एक दुकान में काम करता है.वासे के पिता शाहिद मिर्ज़ा ने कहा है की मक्का मस्जिद के विस्फोट में अब्दुल वासे इतनी बुरी तरह घायल हो गया था कि उसके बचने की उम्मीद नहीं रह गई थी. लेकिन लगभग चार साल के इलाज के बाद उसकी हालत सामान्य हुई.
क्या यह केवल इत्तेफाक़ है?
और अब वो एक बार फिर एक आतंकी हमले में घायल हो गया है.दोबारा इस तरह की घटना में बच जाने पर जहाँ उसके परिवार और दोस्त खुश हैं और आम लोग उसकी खुशनसीबी पर आश्चर्यचकित हैं वहीं पुलिस के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह केवल इत्तेफाक़ की बात है.यहाँ यह बात उल्लेखनीय है कि केद्रीय जांच ब्यूरो की जांच से [ कथित तौर पर ] यह बात सामने आई थी कि मक्का मस्जिद में हुए विस्फोट में कुछ हिन्दू चरमपंथियों का हाथ था इस संबंध में आरएसएस से सम्बन्ध रखने वाले असीमानंद, लोकेश शर्मा, देवेंदर गुप्ता, समुद्र सिंह और तेज राम परमार को गिरफ्तार किया जा चुका है.इन लोगों का मालेगांव, अजमेर और समझौता एक्सप्रेस में हुए धमाकों से भी सम्बन्ध बताया गया है.
अबुदल वासे ने मीडिया से बात करते हुए आतंकवादी हमले करने वालों से अनुरोध किया है कि वो ऐसे काम बंद करें क्योंकि इसमें केवल निर्दोष लोग मरते हैं.वासे के पिता शाहिद ने कहा, "मुझे न्यायालय और क़ानून पर पूरा भरोसा है की वो इन घटनाओं के ज़िम्मेदार व्यक्तियों को कड़ी सजा देंगे".
और एजेंसियां आईं इस सबके बीच महाराष्ट्र पुलिस के आतंक निरोधी दस्ते भी आन्ध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद पहुँच गए हैं.महाराष्ट्र पुलिस को शक है कि जिन लोगों ने हैदराबाद में धमाके किए हैं वो जुलाई 11 को उनके प्रदेश के पुणे और मुंबई में हुए धमाकों में शामिल हो सकते हैं.
इस बीच राष्ट्रिय जांच एजेंसी एनआईए ने तीन लोगों के नाम का अलर्ट जारी कर दिया है.

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