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भारत में सुपर कम्प्यूटर : पदमश्री डॉ.विजय भाटकर

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सुपर कम्प्यूटर के भारतीय पितामह - पद्मश्री डा. विजय भाटकर प्रस्तुतकर्ता - अरविन्द सीसौदिया,कोटा              पदमश्री डॉ.विजय भाटकर ने अमरीका के द्वारा भारत को सुपर कम्प्यूटर दिये जाने से इन्कार के बाद, सुपर कम्प्यूटर का स्वदेशी तकनीक से निर्माण किया। जिससे हमारे वैज्ञानिक तारापुर बिजली घर हेतु अपना परमार्णु इंधन बनाने में सफल हुए हैं, स्वदेशी तकनीक से क्रायोजेनिक इंजन बनाने में सफल हुए वहीं स्वयं के राकेट जी.एस.एल.वी. द्वारा 36,000 कि.मी. दूर उपग्रहों को स्थापित करने में भी सफल हुए हैं ।             डॉ भाटकर ने अपने एक सम्बोधन में कहा है कि ”2030 तक भारत अमरीका और चीन से आगे होगा“ उन्होने एक सम्बोधन में कहा था कि ”अमरीकी खुफिया एजेंसी की रपट में कहा गया है कि 2030 तक भारत अमरीका और चीन से आगे होगा। हमें स्वयं को इस चुनौती के लिये तैयार करना होगा और जो कमियां हैं उन्हें दूर करने की जरूरत है।“             उन्होने कहा है कि ” हमारे पास प्रतिभा की कमी नहीं है, कमी है तो बस प्रशासन की।“  स्वामी विवेकानंदजी का उल्लेख करते हुये डा. भाटकर ने कहा कि शिकागो भाषण के बाद स्वामीजी ने भ