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परमपवित्र भगवा ध्वज और समर्पण -रमेशभाई मेहता

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परमपवित्र भगवा ध्वज और समर्पण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ – भाग ११ -रमेशभाई मेहता संघ की स्थापना हो गयी। संघकार्य को आगे कैसे बढ़ाना है, इस बारे में डॉक्टरसाहब  ( संघ संस्थापक एवं प्रथम सरसंघचालक परमपूज्य डॉ0 केशव बलीराम हेडगेवार )  स्वयंसेवकों के अभिप्राय लेते रहते थे। ‘हमें सप्ताह में एक बार नहीं, बल्कि प्रतिदिन मिलना चाहिए’ ऐसा स्वयंसेवकों का ही आग्रह था। ‘यह मुलाकात कहाँ पर और किस प्रकार करनी हैं, यहाँ पर कौन-सा कार्यक्रम करना है’ इस बारे में विचारमंथन शुरू हो गया। शुरू-शुरू में सभी स्वयंसेवक डॉक्टरसाहब के घर में ही आया करते थे। यदि इनमें कुछ लोग पढ़ाई या किसी अन्य काम के सिलसिले में अन्यत्र जाते थे, तो वहाँ पर भी संघ का कार्य शुरू कर देते थे। ‘अप्पाजी जोशी’ ये इस प्रकार से कार्य करनेवाले स्वयंसेवक थे। आप्पाजी जोशी ने १८ फ़रवरी १९२६ के दिन वर्धा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पहली शाखा शुरू की। संघ की स्थापना सन १९२५ में नागपुर में हुई और एक साल के बाद संघ की जो पहली शाखा शुरू हो गयी, वह वर्धा में थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि डॉक्टरसाब कितने बड़े संघटक थे। उन्होंने आप्पाजी