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कामनवेल्थ,स्वतन्त्रता के प्रति धोकेबाजी

  गणराज्य भी हो और उपनिवेश भी !    क्या आपको कामनवेल्थ खेलों के इस आयोजन में देश की राष्ट्र भाषा , राज्य भाषा और राष्ट्र गौरव का कही एहसास हो रहा है..., इसमें प्रान्तीय भाषाओँ और उनसे जुड़े गौरव कहीं दिख रहे हैं..., नहीं तो आप ही फैसला की जिए कि इस संगठन में रह कर हमने क्या खोया क्या पाया...!!!!! कोमंवेल्थ का सामान्य परिचय यह है कि :-    राष्ट्रकुल, या राष्ट्रमण्डल देश ( अंग्रेज़ी :कॉमनवेल्थ ऑफ नेशंस) (पूर्व नाम ब्रितानी राष्ट्रमण्डल), ५३ स्वतंत्र राज्यों का एक संघ है जिसमे सारे राज्य अंग्रेजी राज्य का हिस्सा थे ( मोज़ाम्बीक और स्वयं संयुक्त राजशाही को छोड़ कर )। इसका मुख्यालय लंदन में स्थित है। इसका मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र, साक्षरता, मानवाधिकार, बेहतर प्रशासन, मुक्त व्यापार और विश्व शांति को बढ़ावा देना है। इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय प्रत्येक चार वर्ष में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों और बैठक में भाग लेती हैं। इसकी स्थापना १९३१ में हुई थी, लेकिन इसका आधुनिक स्वरूप १९४७ में भारत और पाकिस्तान के स्वतंत्र होने के बाद निश्चित हुआ।  लंदन घोषणा के तहत ब्रिटेन की