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कश्मीर के राज्यपाल क्या कर रहे हैं..?

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कश्मीर में राष्ट्रपती शासन लगे.. - अरविन्द सीसोदिया  हाल ही में कर्नाटक में कांग्रेस में वर्षों रहे , पूर्व केन्द्रीय मंत्री जो कि राज्यपाल हैं ने अनावश्यक सक्रियता दिखाते  हुए दो बार राज्य सरकार को बहुमत साबित करने के लिए बाध्य कर दिया....! केंद्र सरकार को भी राज्य के हालातों की रिपोर्ट भेज दी...!! वहीं एक दूसरे राज्य जम्मू और कश्मीर में जिसमें कांग्रेस के समर्थन से सरकार चल रही है..., वहां भी राज्यपाल हैं..., मगर वे कर क्या रहे हैं...? यही प्रश्न है..? उन्होंने राज्य सरकार कि गतिविधियों कि क्या रिपोर्ट  भेजी यह भी पता नहीं है..? जबकि  उनकी यह परीक्षा की घड़ी थी , उन्हें अपना कर्त्तव्य निभाना जरुरी था..? उनके प्रान्त के मुख्यमंत्री ने , इस प्रान्त के भारत में विलय पर प्रश्न उठाया, वह भी संवैधानिक पद पर रहते हुए..?  जबकि यह भी स्पष्ट है कि वर्तमान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के दादाजी शेख अब्दुल्ला ने , जम्मू और कश्मीर प्रान्त के विलय के समय , इसी प्रान्त के आपातकालीन गवर्नर  के नाते, महाराजा हरिसिंह के साथ, हस्ताक्षर किये हैं ...! यह विलय तब के बने सभी नियमों के हिसाब से विधि  सम्मत थ