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श्री गणेश जी का संदेशा

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श्री गणेश वन्दना गजाननं भूत गणधि सेवितं, कपीत्थ जम्बू फल चारू भक्षणम् । उमासुतं शोक विनाश कारकंम्, नमामी विध्नेश्वर पाद पंकजम् । वर्णानामर्थ संघानाम् रसानाम छन्द सामपी । मंगलनाम् च कर्तारो वन्दे वाणी विनायको: ॥ - अरविन्द सीसोदिया    श्री गणेश जी सनातन संस्कृति में सर्वाधिक  प्रभावशाली देवता हैं , उनकी मान्यता और प्रभाव का यह सबूत है कि वे हिन्दुओं के प्रत्येक शुभ कार्य में , मांगलिक कार्य में प्रथम पूजे जाते हैं , उनकी पूजा के बिना कोई भी धार्मिक और मांगलिक कार्य प्रारंभ नही होता है ..! मूलतः उनका जन्म , शौर्य  और अग्रपूजा इस बात के द्योतक  हैं कि  शक्ती ही सर्वोपरी है..!  यही कारण है कि उनकी मान्यता और पूजा भारत में तांत्रिक से लेकर आमजन तक और नास्तिक तक करते हैं .., कभी यह देव विश्व  व्यापी थे , इस तरह का भी अनुसन्धान  हमें मिलता है.., शिव और शिवी  तत्व बहुत ही गूढ़  और व्यापक विषय है.., यूं कहा जाये कि ये अनंत महाशक्ति हैं तो उतम होगा..,  आज सिर्फ चर्चा गणेश जी के  जन्म के कारण  और उनको प्राप्त वर्चस्व की करेंगे..!  श्री गणेश जी के  जन्म के पूर्व .. . शक

इंडिया शब्द हटे,भारत के संविधान से...!

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गुलामी के द्योतक शब्द इंडिया से छुटकारा पाए भारत - अरविन्द सीसोदिया     गोवा से कांग्रेस के राज्य सभा सांसद , शांताराम नाईक ने एक गैर सरकारी संविधान संशोधन विधेयक के माध्यम से २७ अगुस्त २०१० को सदन में  भारत के संविधान से इंडिया शब्द हटाने की मांग की , संसद में दोनों सदनों में बहुत सारे गैर सरकारी विधेयक रखे जाते रहते हैं और वे अंततः वापिस ले लिए जाते हैं , मुख्य रूप से किसी विसंगती या सुधार विशेष के लिए ये लाए जाते हैं , यह भी ध्यानकर्षण  का एक तरीका है..!  Rajya Sabha , August 27, 2010 Shantaram Naik, Congress MP from Goa , on Friday sought a Constitution amendment bill in the Rajya Sabha to call the country simply 'Bharat' and not 'India'  His private member bill seeks to amend the Preamble and Article 1 of the Constitution of India  to drop India and use 'Bharat'. It says the words 'India, that is Bharat' in sub-clause 1 of Article be replaced with just 'Bharat'.The grounds for changing the name of the country into simply 'Bharat