पोस्ट

जून 6, 2013 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

अपनी भाषा हिन्दी अपनाएं

इतिहास के प्रकांड पंडित डॉ. रघुबीर प्राय: फ्रांस जाया करते थे। वे सदा फ्रांस के राजवंश के एक परिवार के यहाँ ठहरा करते थे। उस परिवार में एक ग्यारह साल की सुंदर लड़की भी थी। वह भी डॉ. रघुबीर की खूब सेवा करती थी। अंकल-अंकल बोला करती थी। एक बार डॉ. रघुबीर को भारत से एक लिफाफा प्राप्त हुआ। बच्ची को उत्सुकता हुई। देखें तो भारत की भाषा की लिपि कैसी है। उसने कहा - अंकल लिफाफा खोलकर पत्र दिखाएँ। डॉ. रघुबीर ने टालना चाहा। पर बच्ची जिद पर अड़ गई। डॉ. रघुबीर को पत्र दिखाना पड़ा। पत्र देखते ही बच्ची का मुँह लटक गया - अरे यह तो अँगरेजी में लिखा हुआ है। आपके देश की कोई भाषा नहीं है ?  डॉ. रघुबीर से कुछ कहते नहीं बना। बच्ची उदास होकर चली गई। माँ को सारी बात बताई। दोपहर में हमेशा की तरह सबने साथ-साथ खाना तो खाया ,  पर पहले दिनों की तरह उत्साह चहक-महक नहीं थी। गृहस्वामिनी बोली - डॉ. रघुबीर ,  आगे से आप किसी और जगह रहा करें। जिसकी कोई अपनी भाषा नहीं होती ,  उसे हम फ्रेंच ,  बर्बर कहते हैं। ऐसे लोगों से कोई संबंध नहीं रखते। गृहस्वामिनी ने उन्हें आगे बताया - मेरी माता लोरेन प्रदेश के ड्‍यूक की कन्या थी।

राहुल को 500 करोड़ हर्जाने का नोटिस असम गण परिषद ने भेजा

चित्र
राहुल गांधी को 500 करोड़ रुपये हर्जाने का कानूनी नोटिस Thursday, June 06, 2013 ज़ी मीडिया ब्‍यूरो गुवाहाटी : असम गण परिषद की युवा शाखा ने बुधवार को कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी को उनके कथित बयान के लिए कानूनी नोटिस भेजा है और उनको माफी मांगने के लिए 15 दिन का समय दिया है। अगप के अनुसार राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा था कि असम गण परिषद उग्रवादियों के समर्थन से दूसरी बार सत्ता में आई थी। पार्टी की युवा शाखा के अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि यदि कांग्रेस के उपाध्यक्ष माफी नहीं मांगते हैं, तो हम पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिये उनसे 500 करोड़ का हर्जाना मांगेगे। उन्होंने कहा कि हमने राहुल गांधी को अपने नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया है और इसमें असफल रहने पर उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला शुरू किया जाएगा। अगप के अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार महन्त ने भी इससे पहले कहा था कि पार्टी गांधी के बयान की कड़ी निंदा करती है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए विशेषज्ञों से सलाह ले रही है। असम के मुख्यमंत्री तरूण गोगोई ने राहुल गांधी के बयान का समर्थन किया था औ