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कार्यकर्ता बनने का कौशल संघ से सीखें - जैन मुनि आचार्य श्री महाश्रमण जी

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कार्यकर्ता बनने का कौशल संघ से सीखें - श्री महाश्रमण जी नई दिल्ली | तेरापंथ समाज के जैन मुनि आचार्य श्री महाश्रमण जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुशासन और सुव्यवस्था जैसे अच्छे गुणों की सराहना की और पंथ के कार्यकर्ताओं से फूहड़ता के बजाय कुशलतापूर्वक कार्य करने के लिये इन गुणों को सीखने का आह्वान किया | दिल्ली के संघ कार्यालय केशव कुंज में 7 जून को संघ के स्वयंसेवकों और तेरापंथ के कार्यकर्ताओं की संयुक्त सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा " राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का तेरापंथ से पुराना सम्बन्ध है " पंथ के आचार्य श्री महासिद्ध जी और  स्वर्गीय सुदर्शन जी के बीच काफी सम्पर्क और संवाद था, अभी भी हमारे पास श्री मोहन जी भागवत कई बार आ गये हैं, कार्यकर्ता भी यदा.कदा आते रहते हैं, तो सम्पर्क बना रहता है | आचार्य श्री महाश्रमण जी के शुभागमन पर संघ के स्वयंसेवकों ने उनका हार्दिक अभिनन्दन किया, आचार्य श्री महाश्रमण जी ने केशव कुञ्ज में कार्यकर्ता स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया | आचार्य श्री ने कार्यकर्ताओं के लिये सात सूत्र बताये , उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता में सबसे पहल