सरकार और लोगों के बीच सेतु बनें पार्टी नेता : नरेन्द्र मोदी




सरकार और लोगों के बीच सेतु बनें पार्टी नेता : नरेन्द्र मोदी

जनसत्ता ब्यूरो
http://www.jansatta.com
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा महासचिवों से मुलाकात की और संगठन के मुद्दों सहित कुछ प्रमुख राज्यों में विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी को मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने महासचिवों से कहा कि वे सरकार और आम आदमी के बीच सेतु का काम करें।
मोदी ने अपने आवास पर सुबह के नाश्ते पर पार्टी के दस महासचिवों से एक घंटे से अधिक समय तक चर्चा की। बैठक में उन्होंने सुशासन और पार्टी को मजबूत करने के लिहाज से महासचिवों के सुझाव सुने। मोदी ने पार्टी नेताओं से कहा कि वे जनता और सरकार के बीच सेतु का कार्य करें। प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने इस तरह की पहली बैठक बुलाई थी।
मोदी अन्य पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से रविवार की शाम अशोक रोड स्थित भाजपा मुख्यालय पर मुलाकात करेंगे। जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से संपर्क बनाने और लोकसभा चुनावों में पार्टी की जबर्दस्त विजय के लिए उनका धन्यवाद करने के उद्देश्य से पार्टी मुख्यालय पर यह बैठक होगी। समझा जाता है कि यह बैठक यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि हाल के लोकसभा चुनावों में पार्टी को मिले व्यापक जनादेश के परिप्रेक्ष्य में भाजपा की संगठनात्मक क्षमता कमजोर न हो। वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने कहा कि उद्देश्य पार्टी को गतिशील रखने का है और यह भी उद्देश्य है कि जबर्दस्त विजय के बाद उत्साह कम न होने पाए। पार्टी महासचिव वरूण गांधी ने बैठक के बाद बताया कि मोदी ने कहा कि पार्टी और देश की सेवा नए जोश के साथ करनी है ।
सूत्रों के मुताबिक मोदी ने पार्टी महासचिवों से कहा कि वे जमीनी स्तर पर आम आदमी से संपर्क बनाए रखते हुए सरकार और आम आदमी के बीच सेतु की तरह काम करना जारी रखें। बैठक के दौरान यह चर्चा भी हुई कि प्रभावी शासन और सुशासन के लिए आम आदमी और पार्टी समर्थकों की ओर से सरकार को दिए जाने वाले सुझावों को शामिल करने के लिए क्या तंत्र बनाया जाए।
करीब 90 मिनट चली बैठक में प्रधानमंत्री ने पार्टी नेताओं से यह भी कहा कि वे महाराष्ट्र और हरियाणा में इस साल के अंत में और झारखंड, जम्मू कश्मीर और बिहार में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी करें। इसके अलावा उन्होंने उनसे यह भी कहा कि 2016 में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी के चुनावों के लिए तैयार रहें।
बैठक में शामिल हुए नेताओं में भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, महासचिव (संगठन) रामलाल और अमित शाह, अनंत कुमार, धर्मेंद्र प्रधान, वरूण गांधी, राजीव प्रताप रूडी, थावरचंद गहलोत, जेपी नड्डा, तापिर गाओ और मुरलीधर राव हैं। पार्टी में आने वाले दिनों में बडेÞ पैमाने पर परिवर्तन देखने को मिलेंगे क्योंकि अध्यक्ष राजनाथ सिंह, तीन उपाध्यक्ष जुएल ओराम, उमा भारती और स्मृति ईरानी और तीन महासचिव अनंत कुमार, थावरचंद गहलोत और धर्मेंद्र प्रधान सरकार में मंत्री बन गए हैं। इसके अलावा पार्टी कोषाध्यक्ष पीयूष गोयल व दो प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर और निर्मला सीतारमण भी सरकार में शामिल हो गए हैं। आने वाले दिनों में भाजपा का नया अध्यक्ष बनाया जा सकता है। इस पद की दौड़ में मोदी के करीबी समझे जाने वाले अमित शाह, महासचिव जेपी नड्डा और भाजपा की गुजरात इकाई के प्रभारी ओम प्रकाश माथुर के नाम चल रहे हैं।
भाजपा में नए चेहरे भी देखने को मिलेंगे क्योंकि पार्टी महाराष्ट्र और हरियाणा में इस साल के अंत में और जम्मू कश्मीर व झारखंड में अगले साल की शुरुआत में होने वाले महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों से पहले संगठन को कमजोर नहीं करना चाहती। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी चाहता है कि संगठन गतिशील और मजबूत बना रहे और 1999 के हालात न बनें, जब बडे नेता सरकार में शामिल हो गए थे और पार्टी का जमीनी स्तर पर संपर्क टूट गया था।

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान

Instead of Opposing the RSS, Intolerant Americans Should Look Within — Arvind Sisodia

अर्द्धनारिश्वर स्त्री, समान अस्तित्व का सम्मान

दुनिया भर की धार्मिक संस्कृति में हिन्दू धर्म की झलक World Sanatan Dharma

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

राजस्थान के व्याबर जिले में देवमाली गांव,कैंसर का 'झाड़ा'

अवरोध और अपमान की राष्ट्रघाती विपक्षी राजनीति को जनता सबक सिखाएगी — अरविंद सिसोदिया

RTI द्वितीय अपील

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश