समाज के सहयोग से ही साकार परिवर्तन - परम पूज्य डॉ0 मोहनजी भागवत



समाज के सहयोग से ही साकार परिवर्तन
- परम पूज्य  डॉ0  मोहनजी भागवत

राष्ट्रीय  स्वंयसेवक संघ के तृतीय संघ शिक्षा  वर्ग के समापन कार्यक्रम में स्वंयसेवकों को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख सरसंघचालक परमपूज्य डा0 मोहन जी भागवत ने कहा कि आज भी शिवाजी के यश  गाथा हम सुनते है और शिवाजी को बड़ी शिद्दत  के साथ स्वीकार करते है इसका कारण यह है कि देश  को शिवाजी के रूप में एक उत्तम शासक मिला। शिवाजी के राज में न्यायपूर्ण, समतायूक्त और शोषणमुक्त  शासन था।शिवाजी का शासन अनुशासन पर कड़ाई से चलने वाला शासन था। शिवाजी का शासन दीन दुखियो के भलाई से काम करने वाला शासन था।

परम पूज्य मोहन जी भागवत ने कहा कि अब लोगों को लगने लगा है कि देश के अच्छे दिन आने वाले है। देश के आम जन को  इस सरकार से काफी उम्मीद है। इस बार सब लोगो ने विचार किया। अपने मन को  सुना। इस सरकार को देखकर लगता है कि सरकार का इरादा पक्का है। सिर्फ सरकार से ही  नहीं होगा। संपूर्ण देश को जगाना होगा। संपूर्ण देशवासियों को जगाने के लिए सबको जागृत करना होगा।

परम पूज्य भागवत  जी ने कहा कि हमारा देश मानवता को मानने वाला है।

        संघ प्रमुख ने कहा कि संघ के पास कोई रिमोट कट्रोल नहीं है। संघ प्रत्येक व्यक्ति के अंदर अनुशासन पैदा करता है। संघ का काम शक्ति सम्पन्न, शील सम्पन्न और वैभव सम्पन्न राष्ट्र  का निर्माण करना है। विविधता में एकता देखकर और संपूर्ण समाज को अपना मानकर काम करने वाले देशवासियों की जरूरत है। संघ यही काम करता है। प्रत्येक व्यक्ति के आँख  में अपने देश के प्रति गौरव की दृष्टि  पैदा करता है। 

श्री भागवत ने कहा कि देश के लिए आवश्यकता होने पर  मर मिटने वाले युवाओं का निर्माण संघ करता है लेकिन आज मरने का  नहीे देश के लिए जीने का समय है। श्री भागवत ने कहा कि सुनामी हो या चुनाव हो संघ के स्वंयसेवक  सबसे पहले पहुचने लगा है। परिवर्तन आया है लेकिन सिर्फ सरकार बदलने से कुछ नहीं होगा। समाज अगर परिवर्तन के लिए तैयार नहीे है तो सरकार से कुछ  होना नहीं है। समाज को परिवर्तन के लिए खुद को तैयार करना होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री श्री रविशंकर थे।

टिप्पणियाँ

इन्हे भी पढे़....

"आदमी की औकात " - जैन मुनि तरुण सागर जी महाराज

राजपूतो की शान रोहणी ठिकाना : सिर कटने के बाद भी लड़ने वाले वीरों की कहानी

छत्रपति शिवाजी : सिसोदिया राजपूत वंश

माननीय इन्द्रेश कुमार जी indresh kumar rss

तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहे।

सेंगर राजपूतों का इतिहास एवं विकास

राजस्थान के व्याबर जिले में देवमाली गांव,कैंसर का 'झाड़ा'

भारत का बड़ा भू भाग बचाने वाले : डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी Dr Shyama Prasad mukhrji

श्री चांदमारी बालाजी मंदिर मार्ग कोटा की समस्या व समाधान Chandmari Balaji Kota

कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान