पोस्ट

जुलाई 16, 2015 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भारतीयता को बनाए रखना होगा - परमपूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत

इमेज
भारत को विश्व का सिरमौर बनाना है तो हमें भारतीयता को बनाए रखना होगा – डॉ मोहन जी भागवत date: July 14, 2015 भोपाल . अपेक्स बैंक के समन्वय भवन में सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत के कर कमलों से मृदुला सिन्हा द्वारा लिखित उपन्यास “ परितप्त लंकेश्वरी ” का लोकर्पण किया गया. मृदुल सिन्हा गोवा की राज्यपाल हैं. कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उपस्थित थे. सरसंघचालक जी ने कहा कि भारत को विश्व का सिरमौर बनना है, तो उसे भारतीयता को बनाए रखना होगा. अपनी जमीन पर पैर रखे हुए, समाज को बदलना होगा. समाज को महिलाओं और कमजोर वर्ग के प्रति अनुचित व्यवहार की प्रथाओं और परंपराओं को फैंकना होगा. सीता के साथ ही तारा और मंदोदरी को भी समझना होगा. भारतीय महिला तेजस्वी और वात्सल्य से परिपूर्ण है. उसका वात्सल्य केवल मोह नहीं है, वह सत्मार्ग का दिग्दर्शन भी कराती है. मंदोदरी का पात्र ऐसा ही है. मंदोदरी के प्रयास भले ही असफल रहे, किन्तु वो असफल नहीं थी. इसीलिये जो परिवार प्रात: स्मरणीय पांच कन्याओं का स्मरण करेगा, उसके मर

कौन होते हैं नागा साधू ????

आखिर कौन होते हैं नागा साधू???? जाने उनका रहस्य........ अक्सर मुस्लिम वादी नागा साधूओं की तस्वीर दिखा कर हिन्दु धर्म के साधूओं का अपमान करने की और हिन्दुओं को नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं उन लोगों को नागा साधूओं का गौरवशाली इतिहास पता नहीं होता जानें नागा साधूओं का गौरवशाली इतिहास और उसकी महानता। नागा साधूओं का इतिहास नागा साधु हिन्दू धर्मावलम्बी साधु हैं जो कि नग्न रहने तथा युद्ध कला में माहिर होने के लिये प्रसिद्ध हैं। ये विभिन्न अखाड़ों में रहते हैं जिनकी परम्परा आदिगुरु शंकराचार्य द्वारा की गयी थी। नागा साधूओं का इतिहास भारतीय सनातन धर्म के वर्तमान स्वरूप की नींव आदिगुरू शंकराचार्य ने रखी थी। शंकर का जन्म ८वीं शताब्दी के मध्य में हुआ था जब भारतीय जनमानस की दशा और दिशा बहुत बेहतर नहीं थी। भारत की धन संपदा से खिंचे तमाम आक्रमणकारी यहाँ आ रहे थे। कुछ उस खजाने को अपने साथ वापस ले गए तो कुछ भारत की दिव्य आभा से ऐसे मोहित हुए कि यहीं बस गए, लेकिन कुल मिलाकर सामान्य शांति-व्यवस्था बाधित थी। ईश्वर, धर्म, धर्मशास्त्रों को तर्क, शस्त्र और शास्त्र सभी तरह की चुनौतियों का सामना करना प