पोस्ट

दिसंबर 24, 2015 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

केजरीवाल : डी डी सी ए बहाना है, असली मकसद राजेन्द्र कुमार बचाना हे।

इमेज
------- आआपा का झूठ तार-तार तारीख: 21 Dec 2015 - प्रतिनिधि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के कार्यालय पर सीबीआई की छापेमारी के बाद इसे बदले की राजनीति बताते हुए हाय तौबा कर राजनैतिक मुद्दा बनाने की कोशिश में जुटे केजरीवाल ने अपने 49 दिनों के कार्यकाल में भी उन्हें प्रधान सचिव बनाया था। वह केजरीवाल के कितने करीब हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जाना चाहिए। राजेंद्र कुमार दिल्ली सरकार में परिवहन और माध्यमिक शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों में काम कर चुके हैं। वह दिल्ली सरकार में ऊर्जा सचिव भी रहे हैं। करीबी ने किया कबाड़ा जानकारी के अनुसार कभी अरविंद केजरीवाल के करीबी और पसंदीदा अधिकारियों में रहे दिल्ली संवाद आयोग के पूर्व सचिव आशीष जोशी की शिकायत पर ही राजेंद्र कुमार के खिलाफ कार्रवाई हुई है। इस मामले की शुरुआत तब से हुई जब जोशी को केंद्र सरकार से प्रतिनियुक्ति द्वारा ‘दिल्ली अरबन शेल्टर इंपू्रवमेंट बोर्ड’ के वित्त विभाग में बतौर सदस्य नियुक्त किया गया था। फरवरी में जब केजरीवाल दोबारा सत्ता में आए तो जोशी को केजरीवाल की टीम में बुद्ध

भारतरत्न अटलजी : ‘‘सु-शासन दिवस’’ : भाषण हेतु बिन्दू

इमेज
भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वापपेयी जन्मदिवस 25 दिसम्बर,(जन्म तिथि 25 दिसम्बर 1924)  अटल बिहारी वाजपेयी (जन्म: २५ दिसंबर, १९२४)  भारत के पूर्व प्रधानमंत्री हैं। वे पहले १६ मई से १ जून १९९६ तथा फिर १९ मार्च १९९८ से २२ मई २००४ तक भारत के प्रधानमंत्री रहे।[1] वे भारतीय जनसंघ की स्थापना करने वाले महापुरुषों में से एक हैं और १९६८ से १९७३ तक  उसके अध्यक्ष भी रहे। वे जीवन भर भारतीय राजनीति में सक्रिय रहे। उन्होंने लम्बे समय तक राष्ट्रधर्म, पांचजन्य और वीर अर्जुन आदि राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत अनेक पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन भी किया। उन्होंने अपना जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लेकर प्रारम्भ किया था और देश के सर्वोच्च पद पर पहुँचने तक उस संकल्प को पूरी निष्ठा से निभाया। वाजपेयी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(राजग) सरकार के पहले प्रधानमन्त्री थे जिन्होंने गैर काँग्रेसी प्रधानमन्त्री पद के 5 साल बिना किसी समस्या के पूरे किए। उन्होंने 24 दलों के गठबंधन से सरकार बनाई थी जिसमें 81 मन्त्री थे। कभी किसी दल ने आनाकानी नहीं