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भारत माता की जय : एक संकलन - अरविन्द सिसोदिया

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शिवानी ठाकुर http://hindi.webdunia.com देवभूमि भारत माता पर, हम सबको अभिमान है। पावन कण-कण यहाँ अनोखा, दर्शन यहाँ महान है।  छोटे-बड़े प्रदेश यहाँ पर, संस्कृति सबकी एक है। भोजन, भाषा, वेश भिन्न पर आत्मा सबकी एक है। विन्ध्य हिमालय अरावली और मलय, नीलगिरि पर्वत हैं।  गंगा, यमुना, सिंधु, नर्मदा नदियाँ इसी धरा पर हैं। बारह ज्योतिर्लिंग यहाँ पर, शंकर चारों धाम हैं।  शिव, प्रताप, कान्हा की धरती, घर-घर में श्रीराम हैं। जग सिरमौर बने फिर भारत हम सबका अरमान है। देवभूमि भारत माता पर हम सबको अभिमान है। “भारत माता”… भारत को क्यों “माँ” की उपाधि दी गई https://drsandeepkr.wordpress.com ‘आदि काल से ही पृथ्वी को मातृभूमि की संज्ञा दी गई है. .. भारतीय अनुभूति में पृथ्वी आदरणीय बताई गई है… इसीलिए  पृथ्वी को माता कहा गया …  महाभारत के यक्ष प्रश्नों में इस अनुभूति का खुलासा होता है… यक्ष ने युधिष्ठिर से पूछा था कि आकाश से भी ऊंचा क्या है और पृथ्वी से भी भारी क्या है? युधिष्ठिर ने यक्ष को बताया कि पिता आकाश से ऊंचा है और माता पृथ्वी से भी भारी है… हम उनके अंश हैं… यही नह