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सृष्टि सृजन का महापर्व महाशिवरात्रि

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संकलन - प्रो रजनी भारद्वाज , जयपुर  महाशिव रात्रि महाशिवरात्रि जिसकी सुबह सृष्टि की सृर्जक होती है। सृष्टि के सृजनकर्ता शिव और शक्ति स्परूपा पार्वती के मिलन के इस महान योग महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें। आज का दिन आपको मंगलमय हो... शिव--महापर्व शिवरात्रि. .. संकलन- -  प्रो रजनी भारद्वाज    शिव ईश्वर का संहारक रूप हैं। वेद में इनका नाम रुद्र है। यह व्यक्ति की चेतना के अन्तर्यामी हैं। इनकी अर्धाङ्गिनी (शक्ति) का नाम पार्वती है। इनके पुत्र स्कन्द और गणेश हैं। शिव अधिक्तर योगी के रूप में देखे जाते हैं और उनकी पूजा लिंग के रूप में की जाती है । भगवान शिव सौम्य आकृति एवं रौद्ररूप दोनों के लिए विख्यात हैं। अन्य देवों से शिव को भिन्न माना गया है। सृष्टि की उत्पत्ति, स्थिति एवं संहार के अधिपति शिव हैं। शिव अनादि तथा सृष्टि प्रक्रिया के आदिस्रोत हैं और यह काल महाकाल ही ज्योतिषशास्त्र के आधार हैं। शिव का अर्थ यद्यपि कल्याणकारी माना गया है, लेकिन वे हमेशा लय एवं प्रलय दोनों को अपने अधीन किए हुए हैं। शिव में परस्पर विरोधी भावों का सामंजस्य देख...

महाशिवरात्रि : सृष्टि के सृजनकर्ता शिव और शक्ति स्परूपा पार्वती के मिलन का महान पर्व

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सन 2022 में यह पर्व 01मार्च 2022 को है ---------- सृष्टि के सृजनकर्ता शिव और शक्ति स्परूपा पार्वती के मिलन के इस महान योग महाशिवरात्री की हार्दिक शुभकामनायें। आज का दिन आपको मंगलमय हो...     महाशिवरात्रि पर कल्याण के देवता की पूजा शिव शब्द का अर्थ ही कल्याण है। भगवान शिव को कल्याणकर्ता इसलिए भी कहा गया है, क्योंकि उन्होंने सृष्टि का सृजन किया है। वे संपूर्ण ब्रह्मांड के रचयिता हैं। वे निराकार और अनादि हैं। वे सदा हैं और सर्वदा रहें। इसीलिए उन्हें सदाशिव भी कहा गया है। इसका यह भी अर्थ है कि वे सदा ही सबका कल्याण करते हैं। उनकी विशेषता यह है कि वे आशुतोष अर्थात बहुत थोड़े से संतुष्ट होने वाले हैं। इसीलिए उनकी पहुंच तो सब तक है ही, वे भी सभी की पहुंच में हैं। उनकी प्रसन्नता के लिए केवल उनका ध्यान और थोड़ा-सा जल ही पर्याप्त है। उनकी कोई जन्मतिथि नहीं है, क्योंकि जब से यह संसार है, वे तभी से हैं। बल्कि उसके पहले से हैं और जब प्रलय में सारी सृष्टि विलीन हो जाएगी, तब भी केवल वे ही रहें । इसीलिए वे शाश्वत हैं। यही कारण है अन्य देवताओं की जहां जयंती या प्राकट्य दिवस मनाय...