कविता - ये हे भारतमाता, परमपूज्य भारतमाता kavita
✨ भारतमाता की वीरगाथा (काव्य) ये हे भारतमाता, परमपूज्य भारतमाता ! हम सबकी भाग्य विधाता, इतिहास जिसके गीत सुनाता। ये हे भारतमाता !! ---1-- इसके आँगन में गूँजे वेदों की वाणी, ये धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष की पवित्र दानी । रामायण है सामाजिक मर्यादा के प्राण, तो गीता है धर्म रक्षा का उत्सव महान । ये हे भारतमाता, परमपूज्य भारतमाता ! हम सबकी भाग्य विधाता, इतिहास जिसके गीत सुनाता। ये हे भारतमाता !! ---2-- भीष्म के व्रत, अर्जुन का धनुष, भीम का बल, अभिमन्यु का रण । हरिश्चंद्र का सत्य, विक्रमदित्य का प्रण, तेरे चरणों में अर्पित हुआ सभी का पुरषार्थ । ये हे भारतमाता, परमपूज्य भारतमाता ! हम सबकी भाग्य विधाता, इतिहास जिसके गीत सुनाता। ये हे भारतमाता !! --3-- शंकर ने जग को अद्वैत सुनाया, तुलसी ने ज्ञान का दीप जलाया। स्वामी दयानंद ने वेद-पथ जगाया, विवेकानंद ने विश्व को भारत का ज्ञान बताया । ये हे भारतमाता, परमपूज्य भारतमाता ! हम सबकी भाग्य विधाता, इतिहास जिसके गीत सुनाता। ये हे भारतमाता !! --4-- प्रताप ने पर्वत-सा साहस दिखाया, शिवाजी ने गाया स्वराज्य का गान, धर्मरक्षा में गुरु तेग बहादुर का बलिदान , वीर ग...