संदेश

कविता - जन-जन की पहरेदारी

मुखड़ा — जन-जन की पहरेदारी। - अरविन्द सिसोदिया  लूटतंत्र से बचना और बचाना, लोकतंत्र की जिम्मेदारी। कर्तव्यपरायण देश बनें, यही जन-जन की पहरेदारी। अंतरा 1 जब सत्ता सेवा से भटके, और लोभ बने हथियार। तब जागे जन-जन प्रहरी, ले सत्य को ढाल-संभार। न बिके मत, न झुके विचार, न हो मौन की लाचारी। लूटतंत्र से बचना और बचाना, लोकतंत्र की जिम्मेदारी। अंतरा 2 झूठ, भय और धन-बल से, मत का अपमान न हो। जनादेश की पवित्रता, किसी सौदे में न खो। प्रश्न पूछना पाप नहीं, यह नागरिक हक़दारी। लूटतंत्र से बचना और बचाना, लोकतंत्र की जिम्मेदारी। अंतरा 3 जाति, धर्म के नाम पे जब, बाँटी जाए पहचान। तब विवेक उठे, विवेचना करे, बचे राष्ट्र, बचे संविधान। समता, न्याय, स्वतंत्रता, ये मूल्य हमारी धरोहरी। कर्तव्यपरायण देश बनें, यही जन-जन की पहरेदारी। अंतरा 4 चुप्पी भी अपराध बने जब, अन्याय खुलेआम चले। तब लेखनी, वाणी, मतदान, तीनों शस्त्र बनकर जले। न्यायपालिका, जन और मीडिया, सबकी हो जवाबदेही भारी। लूटतंत्र से बचना और बचाना, लोकतंत्र की जिम्मेदारी। अंतरा 5 (आह्वान) आओ शपथ लें आज सभी, न बिकेंगे, न बिकवाएँगे। लोकतंत्र के दुर्गुणों से, ...

कविता — परिश्रम का कर लो तुम ध्यान

कविता — परिश्रम का कर लो तुम ध्यान - अरविन्द सिसोदिया  धर्म, नीति, ज्ञान और विज्ञान, सबमें ईश्वर का वैभव और विधान। पर विजय उसी की होती है, जो करता पुरुषार्थ का सम्मान। परिश्रम का कर लो तुम ध्यान, परिश्रम का कर लो तुम ध्यान। ==1== भाग्य स्वयं भी द्वार न खोले, जब तक श्रम का दीप न जले। सपने केवल सोच से नहीं, हाथों की मेहनत से ही फलते। गिरकर उठना, फिर चल देना, यही जीवन की पहचान। परिश्रम का कर लो तुम ध्यान, परिश्रम का कर लो तुम ध्यान। ==2== न भय पथ की कठिन डगर से, न थकना तूफानी राहों में। जो डटा रहे संकल्प लिए, वही चमके इतिहासों मेँ । श्रम से ही बनता स्वाभिमान, श्रम से ही मिलता सम्मान। परिश्रम का कर लो तुम ध्यान, परिश्रम का कर लो तुम ध्यान। ==3== राजा हो या जन साधारण, सफल वही जो कर्म करे। नियति भी उसका साथ निभाए, जो हर पल उद्यम धरें। कर्मठ मन, दृढ़ निश्चय जान, यही उन्नति की पहचान। परिश्रम का कर लो तुम ध्यान, परिश्रम का कर लो तुम ध्यान। ==4== ईश्वर भी उस हाथ में बसता, जिसमें श्रम की रेखा हो। आलस त्याग, उठ आगे बढ़, यही जीवन का लेखा है। कर्म ही पूजा, कर्म ही ज्ञान, कर्म में ही ईश्वर का स्थ...

कविता - भारत महान की जय हो

कविता - भारत महान की जय हो  - अरविन्द सिसोदिया  जिस धरा पर भगवान आए, उस हिंदुस्तान की जय हो। भाव, रत्न और तंत्र के, इस महान भारत की जय हो। विश्व में सबसे दयालु–कृपालु, सनातन के सम्मान की जय हो। हिंदुस्तान की जय हो, भारत महान की जय हो। जिस माटी में वेदों की वाणी, गूँजी ऋषियों की साधना हो। जहाँ कण-कण में मर्यादा के राम हों, जहां कृष्ण की प्रेम भावना आम हो। जहाँ बुद्ध ने करुणा सिखाई, महावीर ने संयम गाया हो। नानक, कबीर की वाणी ने, मानवता का दीप जलाया हो। त्याग, तपस्या, वीरों की, उस परंपरा की जय हो। राणा, शिवा, भगतों की, उस बलिदानी धरा की जय हो। नदियाँ बोले अमृत कथा, पर्वत बनें तपस्वी ध्यान। वन-उपवन, खेत-खलिहान में, श्रम का पवित्र गान। एकता में विविधता रखे, भाषा, वेश अनेक महान। फिर भी एक सूत्र में बंधा, मेरा भारत एक पहचान। ज्ञान, विज्ञान, कला, संस्कृति, सबका संगम यहाँ मिला हो। शून्य से ब्रह्मांड तक पहुँचे, ऐसा चिंतन यहाँ पला हो। विश्व पथ को दीप दिखाए, सत्य, अहिंसा की जय हो। वसुधैव कुटुम्बकम् कहने वाली, उस भावना की जय हो। जब तक सूरज चाँद चमकें, जब तक गूँजे गगन महान। हिंदुस्तान की जय...

कविता - गणतंत्र तभी सम्मान का अधिकारी

चित्र
कविता : गणतंत्र तभी सम्मान का अधिकारी — अरविन्द सिसोदिया गणतंत्र तभी सम्मान का अधिकारी हो, जब उसमें रामराज्य जैसी भागीदारी हो। केवल सत्ता का उत्सव नहीं, यह विश्वास की गादी, जन-जन की पीड़ा हरना सत्ता की जिम्मेदारी हो॥ === 1 === काग़ज़ में समानता, व्यवहार में अंतर बड़ा भारी, कहीं जाति, तो कहीं वर्गभेद, कहीं संप्रदाय की आरी। संस्कार-विहीन चेतना, भ्रष्टाचार में दम तोड़ती लाचारी, न्याय पूँजीवादी, कानूनी महँगाई की नियति अति न्यारी। सत्ता में कुछ अच्छे हैं, पर सब नहीं—तंत्र सब पर भारी, इसी से घिरा प्रश्नों का गणराज्य, लगता रोग और बीमारी। छल, कपट और झूठ मारते नित-नित बाज़ी, धर्म और पंथ तौले जाते मतों से, मानवता हर जगह हारी। === 2 === रामराज्य केवल अतीत की कथा नहीं था, वह लोकधर्म और नीति का पथ-प्रबंधन था। जहाँ राजा नहीं, सेवक होता था सिंहासन पर, अंतिम व्यक्ति भी पाता था सम्मान अपनेपन का। न भय था, न भेद था, न अन्याय का अंधकार, धर्म था कर्म में, सत्य था शासन का आधार। यदि वही चेतना लौटे आज के व्यवहार-विधान में, स्वर्णिम हो भारत फिर से, संविधान के आसन में। === 3 === आओ संस्कार को शस्त्र...

कविता - गणतंत्र को गुणतंत्र बनाओ

कविता - गणतंत्र को गुणतंत्र बनाओ  गणतंत्र को गुणतंत्र बनाओ, वर्ना लोकतंत्र बेकार हैँ। सुख, समृद्धि और न्याय हो घर-घर, वर्ना ये चुनाव धिक्कार हैँ। सत्ता सेवा बन जाए जन-जन की, न हो सिंहासन का व्यापार। जनता मालिक, नेता सेवक हों, तभी बचेगा लोकतंत्र का आधार। भूखे को रोटी, तन को कपड़ा, हर हाथ मिले सम्मान। शिक्षा, स्वास्थ्य सबके हिस्से हों, तभी सच्चा होगा संविधान। भ्रष्टाचार की जड़ें काटो, ईमान को दो खुला आसमान। थोथापन बंद हो ,  ज़मीन पर उतरे सच्चा काम। जब तक आँसू पोंछे न जाएँ, जब तक मिटे न डर-भय-भेद, केवल नारों, वादों से ही, न बदलेगा भारत का परिवेश । बहुत हुआ, बहुत गुजरा , आओ बदलें छल बल का खेल, सत्य सनातन पुण्य धरा को दें अब, नीति न्याय और परमार्थ का अभिषेक। समाप्त 

धूमावती माता

धूमावती माता (जिन्हें धूमावती भी कहा जाता है) दस महाविद्याओं में से सातवीं उग्र महाविद्या हैं। उनके संबंध में कुछ प्रमुख जानकारियां नीचे दी गई हैं: - उत्पत्ति की कथा पौराणिक कथाओं के अनुसार, माँ धूमावती की उत्पत्ति से जुड़ी दो मुख्य कथाएं प्रचलित हैं:  शिव को निगलना: एक बार माता पार्वती को तीव्र भूख लगी। उन्होंने महादेव से भोजन मांगा, लेकिन महादेव के ध्यान में मग्न होने के कारण भोजन में देरी हुई। भूख से व्याकुल होकर माता ने स्वयं शिवजी को ही निगल लिया। चूँकि शिवजी के कंठ में विष था, इसलिए माता के शरीर से धुआं निकलने लगा और उनका स्वरूप विकृत हो गया। महादेव ने उनके भीतर से बाहर आने के बाद उन्हें शाप दिया कि वे अब से 'विधवा' रूप में जानी जाएंगी। सती का देह त्याग: जब देवी सती ने पिता दक्ष के यज्ञ कुंड में अपनी आहुति दी, तो उस अग्नि से उठे धुएं (धूम्र) से धूमावती प्रकट हुईं।  स्वरूप और प्रतीक दिखावट: वे एक वृद्ध, कुरूप और विधवा स्त्री के रूप में श्वेत वस्त्र धारण किए हुए हैं। वाहन और आयुध: वे एक ऐसे रथ पर सवार हैं जिस पर कोई घोड़ा नहीं है और उनके ध्वज पर कौआ विराजमान है। उनके हाथ मे...

कविता - हिंदू एकता

गीत : हिंदू एकता हिंदू एकता ही हिंदू अस्तित्व की पहचान है, युग-युग से यही शक्ति, यही हमारा मान है। आंधी आए, तूफ़ाँ आए, सच का दीप न डोले, एक रहें हम, जाग रहें हम, यही समय की मांग है। === 1 === षड्यंत्रों ने सिर उठाया, झूठ का व्यपार फैलाया । आस्था को बदनाम किया, छलिया वेश को हथियार बनाया, षड्यंन्त्रों की खोट रचते , सच को कठघरे खड़ा करते, किन्तु जब-जब हमने हाथ मिलाया, शक्ति ने आकार पाया। हिंदू एकता ही हिंदू अस्तित्व की पहचान है…..... ===2 === फूट डालो, राज करो, यह नीति  है पुरानी , कुप्रचार की भाषा वही, चाल बड़ी सयानी, भ्रम बोया, अविश्वास रचा, समाज को तोड़ने का खेल, पर सनातन की जड़ें गहरी, हर षड्यंत्र हुआ है फैल। हिंदू एकता ही हिंदू अस्तित्व की पहचान है… ===3=== सहिष्णुता, समरसता, सर्वजन हित का भाव, सनातन के इसी समन्वय से जीवित है विश्वास, जाति, वर्ग, संप्रदाय, क्षेत्र में बाँटने के हथकंडे, एकता की लौ के आगे सब पड़ जाते ठंडे। हिंदू एकता ही हिंदू अस्तित्व की पहचान है… === 4 === हमारा किसी से विरोध नहीं, हम सबके समन्वयकर्ता, पर विस्तार उनकी चाह में, वे षड्यंत्र रचते रहते है। धर्मांतरण, फं...

कविता - हार को भी सीख बनाए जा

कदम–कदम साहस बढ़ाए जा, हर बाधा से आँख मिलाए जा। तूफ़ानों से मत घबरा तू, अपने भीतर आग जगाए जा। विजयी मन बनाए जा, हार को भी सीख बनाए जा। ===1== जीत का जो जुनून जले, उसमें धैर्य भी मिलाए जा। रास्ते कठिन, अँधेर घने, पर सूर्य तुझमें ही बसता है। जो रुक गया, वो खो गया, जो चला, वही इतिहास रचता है। जीता तो यश तुझे गले लगाए, हारा तो भी तू अमर कहलाए। क्योंकि जिसने भरपूर जिया, वही हर दिल में याद रह जाए। मत पूछ मंज़िल कितनी दूर, बस आज से कल को बेहतर कर। हर दिन खुद से जीत हासिल कर, और खुद पर पूरा भरोसा कर। बढ़ता जा, बढ़ता जा, अपने स्वप्नों को सच बनाए जा। विजयी मन बनाए जा, विजयी मन बनाए जा।

भाजपा भारतीय संस्कृति के गरिमामय वैश्विक उत्थान हेतु कृतसंकल्पित, विपक्ष की अङ्गेबाज़ी रोक नहीं सकती — अरविन्द सिसोदिया Ram Janmbhumi

चित्र
भारत की गरिमा सनातन हिंदुत्व के अपनत्व, भाईचारे और बंधुत्व से - अरविन्द सिसोदिया  भाजपा भारतीय संस्कृति के गरिमामय वैश्विक उत्थान हेतु कृतसंकल्पित, विपक्ष की अङ्गेबाज़ी रोक नहीं सकती — अरविन्द सिसोदिया कोटा, 21 जनवरी। भारतीय जनता पार्टी राजस्थान के मीडिया संपर्क विभाग के प्रदेश सह संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भव्य निर्माण की द्वितीय वर्षगांठ के अवसर पर कहा कि “भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी के लिए राष्ट्रप्रथम की भावना के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ी सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण, संवर्धन और सनातन जीवन-मूल्यों के माध्यम से समाज का संस्कार निर्माण सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने कहा कि “भारत केवल एक भौगोलिक भू-भाग नहीं, अपितु देवभूमि है। यह वही पुण्य भूमि है जहाँ स्वयं भगवान ने अवतार लेकर मानवता को मर्यादा, प्रेम, करुणा और कर्तव्य का संदेश दिया। श्रीराम का जीवन मर्यादा, श्रीकृष्ण का उपदेश प्रेम और कर्मयोग, भगवान शंकर प्रकृति के साथ चलो, देवी देवता गण कोई न कोई श्रेष्ठता के प्रेरणादायक, ये सभी जीवन मूल्य इसी भारत भूमि ...

श्रीमान जिला कलेक्टर महोदय गुना स्वामित्व योजना

 दिनांक - 5 मार्च 2025  सेवा में, श्रीमान जिला कलेक्टर महोदय, नई कलेक्ट्रेट भवन,जिला गुना, मप्र     विषय :- मध्यप्रदेश भू - राजस्व संहिता ( भू सर्वेक्षण तथा भू अभिलेख ) नियम 2020 के क्रम में ग्राम - मोड़का, पटवार हल्का 64 सूजाखेड़ी तहसील बमौरी, जिला गुना के वर्ष 2024-2025 के यूनिक आईडी 1588883049, सर्वेक्षण ब्लाक क्रमांक 273, प्लाट भूखंड संख्या 32 (पी) क्षेत्रफल 2175 वर्गमीटर पर आपत्ति।   मान्यवर,  उपरोक्त विषयान्तर्गत प्रकरण में निवेदन है कि वर्ष 2024-2025 के लिये ग्राम मोड़का निवासी स्व भूपेंद्र सिंह जी पुत्र समंदर सिंह जी के पुश्तेनी विशाल पक्के आवास स्थलों एवं आवासीय भूभाग के बाबत स्वामी के रूप में श्रीमती कमलादेवी पत्नी भूपेंद्र सिंह, सत्यजीत सिंह पुत्र भूपेंद्र सिंह एवं सिद्धार्थ सिंह के नाम अंकित किया गया हैँ। जो कि विधि विरूध है तथा उचित नहीं हैँ। खसरा प्रारूप संख्या 1 ( नियम 6 ) पर आपत्ति निम्नानुसार हैः- 1- उपरोक्त आवासीय मकान एवं भूखण्ड संयुक्तरूप से स्व भूपेंद्र सिंह पुत्र समंदर सिंह जी का पुश्तेनी आवासीय भूखंड है। जिसे सबसे पहले 1935 के...

भाजपा की यह महाविजय, मोदीजी पर अडिग विश्वास की जय है – अरविन्द सिसोदिया

चित्र
भाजपा की यह महाविजय, मोदीजी पर अडिग विश्वास की विजय है – अरविन्द सिसोदिया कोटा, 17 जनवरी। भाजपा राजस्थान के कोटा संभाग मीडिया संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने बिहार विधानसभा के बाद महाराष्ट्र में निकाय चुनावों में भाजपा गठबंधन की ऐतिहासिक जीत को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी पर जनता के अटूट विश्वास की विजय बताया है। उन्होंने कहा कि, “यह जनादेश देश की जनता द्वारा मजबूत, निर्णायक और दूरदर्शी नेतृत्व को दिया गया समर्थन है।” अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि, “प्रधानमंत्री मोदी जी का नेतृत्व आज देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में भारत की पहचान को नई ऊँचाइयों पर ले जा रहा है। चाहे राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय हो, आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, विदेशी रणनीति हो या फिर गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण एवं युवाओं के लिए अवसर सृजन का, हर क्षेत्र में मोदी जी के साहसिक और स्पष्ट निर्णयों ने देश को एक नई दिशा दी है। जनता का यह विश्वास उसी मज़बूत नेतृत्व की स्वीकृति है।” उन्होंने आगे कहा कि, “महाराष्ट्र के निकाय चुनाव परिणामों से यह भी स्पष्ट होता है कि देश की जनता अब आराजकता, बदतमीजी, गाली गलोच की भाषा,...

देश की जनता विपक्ष के सत्ता-लोलुप और अराजक आचरण को कभी स्वीकार नहीं करेगी - अरविन्द सिसोदिया

चित्र
देश की जनता विपक्ष के सत्ता-लोलुप और अराजक आचरण को कभी स्वीकार नहीं करेगी - अरविन्द सिसोदिया  लोकतंत्र में कब्जावादी अराजकता का कोई स्थान नहीं, देश-प्रदेश किसी की जागीर नहीं – अरविन्द सिसोदिया कोटा, 16 जनवरी। भाजपा मीडिया विभाग के कोटा संभाग संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने विपक्ष द्वारा संवैधानिक संस्थाओं को डराने, धमकाने एवं उनके साथ दुर्व्यवहार करने के लगातार बढ़ते अशोभनीय कृत्यों की कड़ी भर्त्सना करते हुए कहा कि “लोकतंत्र में कब्जावादी अराजकता का कोई स्थान नहीं है। देश और प्रदेश किसी व्यक्ति या पार्टी की निजी जागीर नहीं हैं।” उन्होंने कहा कि “पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का हालिया आचरण पूरी तरह संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध है। संवैधानिक संस्थाओं पर खुलेआम हमले करना और जांच एजेंसियों को रोकने का प्रयास करना सत्ता का घोर दुरुपयोग है। ऐसे कृत्य किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में अस्वीकार्य हैं और उन्हें नैतिक रूप से सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।” सिसोदिया ने आरोप लगाया कि " कांग्रेस और उसके सहयोगी दल पिछले एक दशक से लोकतंत्र और संविधान को...

जीवन जीने का असली सलीका सिर्फ 'अनुभव' से आता है

'थोड़ी चालाकी भी जरूरी है...' बुजुर्ग दादी ने बताए जीवन के 4 ऐसे सबक, जो कोई स्कूल नहीं सिखाता! जीवन जीने का मंत्र किताबें आपको ज्ञान दे सकती हैं, लेकिन जीवन जीने का असली सलीका सिर्फ 'अनुभव' से आता है! हमारे बड़े-बुजुर्ग जब भी कोई बात कहते हैं, तो उसमें पूरी जिंदगी का निचोड़ होता है। सोशल मीडिया पर एक बुजुर्ग महिला, सतवंती सिंह का एक वीडियो खूब देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने जीवन जीने के 4 ऐसे नियम बताए हैं, जिन्हें अगर आपने अपना लिया, तो दुनिया आपको कभी धोखा नहीं दे पाएगी! 1. थोड़ी बहुत चालाकी जरूरी... थोड़ी बहुत चालाकी जरूर सीख लेनी चाहिए। इसलिए नहीं की आप दूसरों को बेवकूफ बनाना चाहते हैं, बल्कि इसलिए ताकि कोई आपको हर बार बेवकूफ ना बना सके। 2. मीठी बातों और सुंदरता पर न जाएं... किसी की मीठी-मीठी बातों में नहीं आना चाहिए, क्योंकि मिठास से उनके अंदर का कुछ पता नहीं चलता। सुंदरता से उनके अंदर का कुछ पता नहीं चलता। जैसे मोर.. नाचता हुआ वो बहुत खूबसूरत लगता है। लेकिन खाता तो वो भी कीड़े-मकौड़े है। 3. जिन्हें पचता नहीं है उन्हें कुछ ना बताएं... ऐसे लोगों को कुछ नहीं बताना ...

स्वामित्व योजना (SVAMITVA)

स्वामित्व योजना (SVAMITVA)  भारत सरकार की एक केंद्रीय योजना है जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के अधिकारों का रिकॉर्ड तैयार करना और ग्रामीणों को उनकी आवासीय संपत्तियों के लिए 'संपत्ति कार्ड' जारी करना है, जिससे उन्हें अपनी संपत्ति को वित्तीय परिसंपत्ति के रूप में उपयोग करने और ऋण प्राप्त करने में मदद मिले; इसमें ड्रोन तकनीक का उपयोग करके भूमि का सर्वेक्षण और मानचित्रण किया जाता है, जिससे संपत्ति विवाद कम होते हैं और ग्रामीण नियोजन में सुधार होता है।  मुख्य उद्देश्य: संपत्ति के अधिकार: ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति के कानूनी अधिकार प्रदान करना और 'अधिकारों का रिकॉर्ड' (Record of Rights) देना। वित्तीय सशक्तिकरण: ग्रामीणों को अपनी संपत्ति के आधार पर बैंक ऋण और अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त करने में सक्षम बनाना। भूमि रिकॉर्ड: सटीक भूमि रिकॉर्ड और जीआईएस (GIS) मानचित्र तैयार करना। ग्रामीण नियोजन: ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (GPDP) के लिए सटीक डेटा प्रदान करना। संपत्ति विवाद में कमी: संपत्ति संबंधी विवादों और कानूनी मामलों को कम करना।  कैसे काम करती है: ड्रोन सर्वेक...

सीधा हाई कोर्ट में केस फाइल कैसे करें

सीधा हाई कोर्ट में केस फाइल कैसे करें:- कई परिस्थितियों में नागरिकों को सीधे हाई कोर्ट में जाने का अधिकार होता है जब किसी सरकारी विभाग, अधिकारी या संस्था द्वारा अधिकारों का उल्लंघन हो, या निचली एजेंसियों से राहत न मिले, तब हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर करके तुरंत और प्रभावी राहत प्राप्त की जा सकती है यह प्रक्रिया सुनने में जटिल लगती है, लेकिन चरणबद्ध तरीके से इसे समझना आसान है। 1-हाई कोर्ट में सीधा केस कब किया जा सकता है? नागरिक सामान्यत: तब सीधे हाई कोर्ट जाते हैं जब सरकारी विभाग ने कोई निर्णय मनमाने तरीके से दे दिया हो अधिकारी कार्रवाई न कर रहे हों समय पर राहत न मिल रही हो किसी के मौलिक या कानूनी अधिकार का स्पष्ट हनन हुआ हो अत्यधिक देरी, भेदभाव या अनुचित कार्रवाई हो ऐसे मामलों में रिट याचिका एक प्रभावी और त्वरित उपाय है। 2-रिट याचिका किस प्रकार की होती है? हालाँकि इसमें कई प्रकार की रिट होती हैं, लेकिन आमतौर पर नागरिक इन कारणों से याचिका दाखिल करते हैं किसी आदेश को रद्द करवाने के लिए किसी सरकारी कार्रवाई को चुनौती देने के लिए किसी विभाग को कार्यवाही करने के लिए बाध्य करने हेतु किसी आ...

VB-G RAM G मनरेगा का अपडेट स्वरूप है वीबी -जी रामजी, इसे ठीक से समझें

VB-G RAM G (Viksit Bharat - Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission - Gramin) एक नया कानून है जिसे भारत सरकार ने 2025 के अंत में मनरेगा (MGNREGA) की जगह लेने के लिए पेश किया है। यह योजना ग्रामीण भारत को 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य से जोड़ने के लिए तैयार की गई है।  इस योजना का पूरा विवरण नीचे दिया गया है: 1. पूरा नाम (Full Form) VB: विकसित भारत (Viksit Bharat) G: गारंटी (Guarantee) R: रोजगार (Rozgar) A: आजीविका (Ajeevika) M: मिशन (Mission) G: ग्रामीण (Gramin)  2. मुख्य प्रावधान और बदलाव रोजगार के दिनों में वृद्धि: मनरेगा के तहत मिलने वाले 100 दिनों के रोजगार को बढ़ाकर अब प्रति ग्रामीण परिवार 125 दिन कर दिया गया है। साप्ताहिक भुगतान: मजदूरी का भुगतान अब 15 दिनों के बजाय साप्ताहिक आधार (Weekly) पर किया जाएगा। कृषि अवकाश: खेती के मुख्य सीजन (Peak Season) के दौरान काम को अस्थायी रूप से रोकने का प्रावधान है ताकि कृषि कार्यों के लिए मजदूरों की कमी न हो। फंडिंग का ढांचा: यह अब एक केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) है, जिसमें केंद्र और राज्यों के बीच खर्च का बँवारा 60...

मनरेगा के अपडेट स्वरूप " वीबी-जी रामजी " में श्रम दिवस बढ़े, भुगतान टाइमिंग तय हुई , कांग्रेस का बचाओ बचाओ सिर्फ झूठ है – अरविन्द सिसोदिया

चित्र
मनरेगा के अपडेट स्वरूप " वीबी-जी रामजी " में श्रम दिवस बढ़े, भुगतान टाइमिंग तय हुई , कांग्रेस का बचाओ बचाओ सिर्फ झूठ है – अरविन्द सिसोदिया 14 जनवरी, कोटा। भाजपा राजस्थान के मीडिया संपर्क विभाग के प्रदेश सह संयोजक अरविन्द सिसोदिया ने “मनरेगा बचाओ” के नाम से कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे अभियान को पूरी तरह भ्रामक और झूठ का पुलिंदा बताया है। " उन्होंने कहा कि ' कांग्रेस जानबूझकर झूठ बोल कर, भ्रम फैला कर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में मनरेगा योजना को भ्रष्टाचार मुक्त और अधिक मजबूत किया गया है। " सिसोदिया नें बताया कि " वीबी-जी रामजी योजना अर्थात विकसित भारत गारंटी – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) मनरेगा का ही परिवर्तित और सशक्त नाम और स्वरूप है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को मज़बूत बनाकर 2047 तक “विकसित भारत” के लक्ष्य को हासिल करना है। यह योजना रोजगार के साथ आजीविका के स्थायी अवसर पैदा कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने का माध्यम बनेगी, जिससे गांवों में पलायन...

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान प्रधानमंत्री मोदीजी का संबोधन

चित्र
गुजरात में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान प्रधानमंत्री का संबोधन 11 Jan, 2026 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी का संबोधन..... गुजरात में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान प्रधानमंत्री का संबोधन जय सोमनाथ।  जय सोमनाथ।  गुजरात के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र भाई पटेल, ऊर्जावान युवा उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी जी, गुजरात सरकार में मंत्री जीतू भाई वाघाणी, अर्जून भाई मोढवाड़िया, डॉ प्रद्युम्न वाजा, कौशिक भाई वेकरिया, सांसद राजेश भाई, अन्य महानुभाव, देवियों और सज्जनों। आज देश के कोने-कोने से लाखों लोग जुड़े हमारे साथ, उनको भी मेरी तरफ से जय सोमनाथ।    साथियों, ये समय अद्भुत है, ये वातावरण अद्भुत है, ये उत्सव अद्भुत है, एक ओर स्वयं देवाधिदेव महादेव, दूसरी ओर समुद्र की विशाल लहरें, सूर्य की ये किरणें, मंत्रों की ये गूंज, आस्था का ये उफान और इस दिव्य वातावरण में, भगवान सोमनाथ के आप सब भक्तों की उपस्थिति, ये इस अवसर को दिव्य बना रही है, भव्य बना रही है। और मैं इसे अपना बहुत बड़ा सौभाग्य मानता हूं, कि सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में, मुझे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व...

आपातकाल बंदीयों की पेंशन, अन्य मुकदमेँ होनें पर miss & dir

राजस्थान उच्च न्यायालय - जोधपुर उद्धरण और संदर्भ9 उद्धरण | 0 द्वारा उद्धृत एआई टैग, शोध नोट्स, संरचनात्मक अंकन उपकरण और प्राथमिकता विश्लेषक ▶संरचनात्मक अंकन उपकरण सोभ सिंह बनाम राजस्थान राज्य... 26 नवंबर, 2025 को लेखिका: नूपुर भाटी बेंच: नूपुर भाटी [2025:आरजे-जेडी:51342]       राजस्थान उच्च न्यायालय मे ,जोधपुर      एसबी सिविल रिट याचिका संख्या 7071/2025 श्री भीम सिंह के पुत्र सोभ सिंह, लगभग 89 वर्ष की आयु के थे। निवासी ग्राम- हरसाणी (तनु रावजी), तहसील- गडरा रोड, जिला- बाड़मेर (राजस्थान)।                                                                      ----याचिकाकर्ता                                      बनाम 1. राजस्थान राज्य, सचिव विभाग के माध्यम से          सामा...

टैरिफ़ वार में आंतरिक मजबूती ही रामबाण उपाय – अरविन्द सिसोदिया

चित्र
टैरिफ़ वार में आंतरिक मजबूती ही रामबाण उपाय – अरविन्द सिसोदिया कोटा, 9 जनवरी। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्याशी एवं भारत–तिब्बत सहयोग मंच के प्रांतीय महामंत्री अरविन्द सिसोदिया ने अमरीकी टैरिफ़ वार और उसके द्वारा अपनाई जा रही स्वघोषित तानाशाही प्रवृत्तियों के संदर्भ में भारत की आंतरिक एकता और राष्ट्रीय मजबूती पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि " वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में देश के नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी की सरकार के साथ एकजुट होकर खड़े रहना ही समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।" सिसोदिया ने कहा कि " देश, काल और परिस्थितियों के मद्देनजर हमें समसामयिक चुनौतियों की विशिष्टताओं को समझते हुए अपने कदम तय करने होंगे। " उन्होंने कहा कि " केवल बयानबाजी या भावनात्मक प्रतिक्रियाएं किसी भी राष्ट्र को सशक्त नहीं बनातीं। वास्तविक शक्ति वही होती है जो संकट की घड़ी में ठोस निर्णयों, अनुशासित कार्यप्रणाली और राष्ट्रीय हित में उठाए गए व्यावहारिक कदमों से सामने आती है। हमारी असली परीक्षा अनुशासन, साहस और हमारे कार्यों से होती है, न कि...