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कश्मीर में कायरता का खेल कब तक होगा ,,,,?

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कश्मीर को सेना के हवाले कर दो राज्य सरकार भंग कर दो मुर्गों कि तरह देशवाशियों को लड़ाना छोडो.., - अरविन्द सीसोदिया कश्मीर में कायरता  का खेल कब तक होगा यह कहना मुश्किल  है. देश के साथ कब तक विश्वासघात  होगा यह कहना मुश्किल है. भारत को भारत बनाने का काम कब शिरू होगा यह भी कहना मुश्किल है .    कश्मीर में आम जनता को हिंदुस्तान से कोई परेशानी  नही है . परेशानी तो सत्ता  से बाहर हो जाने बाले हुक्मरानों को है , सम्प्रदाय  के नाम पर दूसरे देशों  से आने वाली  मलाई खाने वाले कमांडरों को है . यह भी एक धंधा है . युवकों   को मारने के लिए तैयार  करना उन्हें मरवा देना और घरवालों को मुह बाद रखने कस लिए मुआबजा और सम्प्रदाय  का बास्ता देकर चुप करवा देना . यही सब कुछ  चीन में होरहा होता तो वह सबसे  पहले तो उस पड़ोसी देश पर हमला करता और उसके इशारे पर नाच रहे लोगों को गोलियों से भूंज देता . देश चलाने के लिए जो हिम्मत चाहिए वह भी तो गद्दी पर बैठनें वालों में होनीं चाहिए ...!   आपकी मानसिकता में दोष है ..! आप देशवाशियों को सुखी नही रहने देना चाहते ..! अलगाव और फूट आप खुद बनाये रखना चाहते हो, भारत से क