भारत का अपमान


शत्रु राष्ट्र को मदद की क्या तुक ...!
- अरविन्द सीसोदिया
      बाढ आपदा से जूझ रहा पाकिस्तान अब भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। गुरूवार ( १९-०८-१० ) को उसके विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि कश्मीरी आत्मनिर्णय के अघिकार को हासिल करने के लिए कृतसंकल्प हैं और नई दिल्ली को चाहिए कि वह भविष्य की स्थिति को समझे। उन्होंने कहा कि कश्मीरी लक्ष्य के लिए अंतिम बलिदान की इच्छा रखते हैं तो उन्हें उनके मकसद को हासिल करने से नहीं रोका जा सकता।
     उकसाने वाली टिप्पणी करते हुए प्रवक्ता ने कहा कि कश्मीर के लोग आत्मनिर्णय का अधिकार पाने के लिए संकल्पित हैं, फिर भले ही भारतीय सुरक्षा बल उनके संघर्ष को क्रूरता से दबाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रवक्ता ने कहा कि भारत को अब दीवार पर लिखी इबारत को समझ लेना चाहिए। बासित के मुताबिक, पाकिस्तान की सरकार और अवाम कश्मीर के लोगों के ‘संघर्ष’ को कूटनीतिक और नैतिक समर्थन देते रहेंगे। भारत के साथ संबंधों को लेकर पाकिस्तान ने एक बार फिर पुराना रवैया दिखाया है। दोनों देशों की वार्ता बहाली के लिए नई दिल्ली की सभी शर्तो को उसने नामंजूर कर दिया है। पाकिस्तान ने  कहा कि वार्ता की बहाली के लिए उसकी सरजमीं से होने वाली आतंकवादी गतिविधि पर कार्रवाई की भारत की मांग समेत कोई भी शर्त उसे मंजूर नहीं है। इसके साथ उसने वार्ता प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए गेंद अब भारत के पाले में होने का दावा किया है।
     पाकिस्तान के इन शब्दों के बाद भी हम उसे सहायता देने  के लिए पीछे-पीछे फिर रहे है...... , कश्मीर में आत्मनिर्णय की बात पाकिस्तान करता है तो हमें सिंध में आत्म निर्णय  की बात क्यों नही करनी  चाहिए....? सारी दुनिया में वे भीख मांग रहे हैं और हमसे हेकड़ी दिखा रहे हैं तो हमारी कोंन सी मजबूरी है ..?? हम जानते  हैं की पाकिस्तान मदद की राशी का दुरुपयोग करेगा ! फिरभी देशवाशियों के कड़े पशीने  की मेहनत  क्यों दी जा रही है | हमारे यहाँ भी बहु बड़ी सख्या गरीवों की है, उन्हें दे दीजिये ...!! वह भारत का अपमान कर रहा है  और हम पीछे पीछे ..!!  पाकिस्तान के चार प्रान्त हैं , बलूचिस्तान,उत्तर पश्चिम सीमांत प्रान्त,पाकिस्तानी पंजाब, सिन्ध |      पाकिस्तान की गिरगिट की तरह रंग बदलने की फितरत पुरानी है। अभी पिछले कुछ सप्ताह पहले  ही विदेश मंत्री स्तरीय वार्ता के लिए इस्लामाबाद गये विदेश मंत्री एसएम कृष्णा की यात्रा की भारतीय नेकनीयति को पलीता लगाने के बाद, उन्हें अपमानित करने के बाद  अब फिर पाकिस्तानी हुक्मरान अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन से कह रहे थे  कि पाकिस्तान तो भारत के साथ सभी विवादास्पद मुद्दों पर संवाद और संबंध सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। और अब उनकी टोन फिरसे सामने है ..?
 चारों के अलग अलग अहम् हैं , इन्हें भारत भी उठा  सकता है , हवा दे सकता है ,यह आग सुल्गानी भी चाहिए थी  ? जैसे को तैसा का सिधांत सब जगह चलता है  |

    वाशिंगटन,भारत के मदद के प्रस्ताव को स्वीकार करने पर पाकिस्तानी नानुकुर के बीच अमरीकी ओबामा प्रशासन ने आपदा राहत में सियासत की कोई भूमिका नहीं होने पर जोर देते हुए कहा है कि पाकिस्तान को भारत द्वारा पेश की गई 50 लाख डॉलर की सहायता को मंजूर कर लेना चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पीजे क्राउले ने कहा, आपदा को लेकर राजनीति की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए, यह सही नहीं है।
   कुल मिला कर भारत की वर्तमान सरकार देश के अन्दर तो सभी मामलों में फैल हो गई है , मगर यह बाहर नाक कटाए यह ठीक नही है ! फिर उस कम में जिससे देश को नुकसान होना निश्चित हो ..!

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